
नए नोएडा की मुआवजा दरें बोर्ड बैठक में तय होगी
नोएडा प्राधिकरण ने नए नोएडा के लिए मुआवजा दरों का प्रस्ताव तैयार किया है। यह प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। यमुना प्राधिकरण द्वारा निर्धारित दरों के आसपास नए नोएडा की दरें तय की जाएंगी। इस विकास में बुलंदशहर और दादरी के 80 गांवों की जमीन शामिल होगी।
नोएडा, प्रमुख संवाददाता। यमुना प्राधिकरण के जरिए बसाए जा रहे जेवर क्षेत्र और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जरिए बसाए जाने वाले फेज टू की मुआवजा दरों को नए नोएडा में लागू किया जा सकता है। इसको लेकर नोएडा प्राधिकरण ने मुआवजा दरों से संबंधित प्रस्ताव तैयार किया है। अब इन मुआवजा दर से संबंधित प्रस्ताव को आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बुलंदशहर और दादरी के 80 गांवों की जमीन पर दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इनवेस्टमेंट रीजन (नया नोएडा) बसाया जाना है। किसानों से आपसी समझौते के आधार पर जमीन लेने पर दरें क्या रखी जाएं इसको लेकर कुछ दिन पहले नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण की बैठक हुई थी।

सूत्रों की माने तो इस बैठक में अधिकारियों ने यह तय किया है कि नए नोएडा में जमीन की मुआवजा दरें यमुना प्राधिकरण से ज्यादा नहीं रखी जाएं। यह मानक नए नोएडा के साथ ही ग्रेटर नोएडा फेज-2 में भी प्रभावी होगा। यमुना प्राधिकरण जिस क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण कर रहा है उसी क्षेत्र की भौगौलिक और विकास की स्थिति वाला क्षेत्र नया नोएडा का भी है। मुख्यमंत्री स्तर से ही यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की मुआवजा दरों पर कुछ महीने पहले मुहर लगी थी। अब इन्हीं मुआवजा दरों के आसपास नए नोएडा की मुआवजा दर तय की जानी हैं। अधिकारियों ने बताया कि नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक अगले महीने होगी। इस बैठक में मुआवजा दरों से संबंधित प्रस्ताव रखा जाएगा। वहीं दूसरी ओर नोएडा की मुआवजा दरों में भी बढ़ोत्तरी की जा सकती है। एक साल पहले मास्टर प्लान को मिली थी मंजूरी नए नोएडा के मास्टर प्लान-2041 को यूपी कैबिनेट ने 18 अक्तूबर 2024 को मंजूरी दे दी थी। नोएडा प्राधिकरण मौके पर एक अस्थाई दफ्तर की जमीन भी देखा चुका है। अब मुआवजा दरों को लेकर मंथन चल रहा है। प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि शुरुआत के लिए अस्थाई दफ्तर को जमीन सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के पास जोखाबाद और सांवली गांव में देखी गई है। करीब 10 हजार वर्ग मीटर जमीन दफ्तर के लिए ली जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक यहां पर मास्टर प्लान में औद्योगिक के साथ ही संस्थागत उपयोग की भी है। लेकिन संस्थागत जमीन पर अभी भूखंड नहीं निकाले जाएंगे। पहली स्कीम औद्योगिक व लॉजिस्टिक प्लॉट की आएगी। यह भूखंड सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के पास होंगे।

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