Hindi NewsNcr NewsNoida NewsNoida Authority Initiates Scientific Waste Disposal for 7 5 Lakh Ton Legacy Waste
कूड़ा निस्तारण के लिए कंपनी का चयन होगा

कूड़ा निस्तारण के लिए कंपनी का चयन होगा

संक्षेप:

नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर-145 डंपसाइट पर 7.5 लाख टन पुराने कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए एजेंसी चयन प्रक्रिया शुरू की है। एजेंसी को 24 महीने में कार्य पूरा करना होगा, जिसमें आधुनिक प्रोसेसिंग सुविधाएं स्थापित करना शामिल है। यह कार्य सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2016 के मानकों के अनुरूप होगा।

Sat, 29 Nov 2025 07:22 PMNewswrap हिन्दुस्तान, नोएडा
share Share
Follow Us on

नोएडा, प्रमुख संवाददाता। प्राधिकरण ने सेक्टर-145 डंपसाइट पर मौजूद 7.5 लाख टन पुराना कूड़ा वैज्ञानिक पद्धति से निस्तारण के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्राधिकरण ने इस डंपसाइट को पूरी तरह साफ कर जमीन को दोबारा उपयोग में लाने के उद्देश्य से विस्तृत कार्य योजना बनाई है। चयनित एजेंसी को साइट पर आधुनिक प्रोसेसिंग सुविधाएं स्थापित करनी होंगी और निर्धारित 24 महीने की समय सीमा में रेमेडिएशन पूरा करना होगा। यह पूरा कार्य सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2016 के मानकों के अनुरूप किया जाएगा। चयनित होने वाली एजेंसी केवल कूड़े की प्रोसेसिंग करेगा। एजेंसी को हर महीने सर्वे कराकर डंप में हुई वॉल्यूमेट्रिक कमी का रिकॉर्ड प्रस्तुत करना होगा।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

जितना कचरा वैज्ञानिक तरीके से प्रोसेस किया जाएगा, उसी आधार भुगतान किया जाएगा। इसके अलावा साइट की सुरक्षा, अवैध प्रवेश रोकने और बिना प्रोसेस किए गए कचरे की चोरी रोकने की जिम्मेदारी भी एजेंसी की होगी। दरअसल, 219वीं बोर्ड बैठक में प्राधिकरण ने 300 टीपीडी क्षमता के ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्र को मंजूरी दी। यहां बायो-सीएनजी उत्पादन किया जाएगा। यह प्लांट सेक्टर-145 या अस्तोली गांव में स्थापित होगा और शहर को वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन एवं नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ाएगा। फिलहाल नोएडा से 800-1,000 टीपीडी ठोस कचरा निकलता है। बढ़ती आबादी के साथ आने वाले सालों में 1,200-1,500 टीपीडी तक पहुंचने का अनुमान है। मौजूदा प्रोसेसिंग क्षमता सीमित होने के चलते लेगेसी-वेस्ट रेमेडिएशन और नया बायो-सीएनजी प्लांट दोनों ही अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। एनटीपीसी द्वारा 900 टीपीडी मिश्रित कचरे से ग्रीन कोल बनाने वाला प्लांट भी जल्द तैयार होगा। जिसमें 600 टीपीडी कचरा नोएडा और 300 टीपीडी ग्रेटर नोएडा से प्रोसेस होगा। करीब 40% कार्य पूरा हो चुका है और मार्च 2026 तक इसे चालू करने की योजना है। साथ ही, प्राधिकरण छह विकेन्द्रीकृत 40-40 टीपीडी यूनिट भी स्थापित कर रहा है, जिनमें बायो-मीथनेशन प्लांट और मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी शामिल होगी।