नोएडा एयरपोर्ट से यमुना सिटी में उद्योगों का महाकुंभ
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने यमुना सिटी की तकदीर बदल दी है। 2022 में एक भी उद्योग शुरू नहीं हुआ था, आज 38 इकाइयों में उत्पादन जारी है। यीडा क्षेत्र में 30,000 करोड़ का निवेश कर 136 नए उद्योग शुरू होने जा रहे हैं, जिससे 45,000 रोजगार के अवसर मिलेंगे।

उत्तरप्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर, एमडीपी के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक पार्क, फिनटेक व फिल्म सिटी बनने जा रही वर्ष 2022 तक शहर में शुरू नहीं हो सका था एक भी उद्योग, वर्तमान में 38 से ज्यादा इकाइयों में उत्पादन जारी
यमुना सिटी का औद्योगिक परिवर्तन
ग्रेटर नोएडा, आशीष धामा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने यमुना सिटी की तकदीर बदल दी है। शहर में वर्ष 2022 तक जहां एक भी उद्योग शुरू नहीं हो पाया था, वहीं आज चार वर्षों में 38 इकाइयों में उत्पादन जारी है। इनमें 30 हजार लोगों को रोजगार के अवसर मिले।
यीडा का औद्योगिक विकास
बता दें कि, 24 अप्रैल 2001 में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) को सड़क निर्माण के लिए गठित किया गया था। शुरुआत में इसे ताज एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के रूप में जाना गया, लेकिन अब 25 वर्ष बाद यह क्षेत्र वैश्विक उद्योगों का ठिकाना बन चुका है, जबकि वर्ष 2022 तक हालात कुछ यूं थे कि शहर में एक भी उद्योग संचालित नहीं था।
ऐसे में माना जा रहा है कि नोएडा एयरपोर्ट का निर्माण यीडा क्षेत्र के लिए गेमचेंजर साबित हुआ है। वर्तमान में शहर में 38 उद्योगों में उत्पादन जारी है, जबकि 71 को कंपलीशन जारी हो चुके हैं, यानी इनमें अब उत्पादन शुरू किया जा सकता है। साथ ही 400 कंपनियों की ओर से निर्माण कार्य जारी है। यीडा ने वर्ष के अंत तक 200 औद्योगिक इकाइयों के संचालन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
यमुना सिटी का हाईटेक औद्योगिक केंद्र
एयरपोर्ट आने के बाद यमुना सिटी प्रदेश का सबसे हाईटेक औद्योगिक केंद्र बन गया है। उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का काम शुरू हो चुका है। मेडिकल डिवाइस पार्क को अगले वर्ष तक संचालित कर दिया जाएगा। यहां फैसिलिटी सेंटर व अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित हो चुकी हैं। यहां तक कि एक कंपनी ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है, जबकि 10 का निर्माण कार्य जारी है। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, फिनटेक सिटी और फिल्म सिटी जैसी मेगा परियोजनाओं ने क्षेत्र को नए औद्योगिक कलस्टर में बदल दिया है। एयरपोर्ट के इर्द-गिर्द उभरता यह औद्योगिक महाकुंभ निवेश, रोजगार और विकास की नई इबारत लिख रहा है।
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30 हजार करोड़ का निवेश
30 हजार करोड़ से 136 कंपनियां धरातल पर उतरेगी। यीडा क्षेत्र में देश विदेश की कंपनियां 30 हजार करोड़ का निवेश कर 136 नए उद्योग शुरू करने जा रही है। इसके लिए यीडा ने कंपनियों को भूमि का आवंटन कर दिया है। इन कंपनियों से शहर में 45 हजार से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। इन 136 परियोजनाओं को कुल 966 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इनमें सबसे बड़ा हजार करोड़ का निवेश सौर ऊर्जा से जुड़े उपकरण बनाने वाली सील कंपनी करेगी।
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उद्योगों की विविधता
पंखे से लेकर चिप तक बनेगी। यमुना सिटी में शुरू होने वाले उद्योग मेक इन इंडिया को साकार करेंगे। यहां आ रही कंपनियों में पंखे, कूलर, लाइट से लेकर सेमीकंडक्टर चिप तक बनेगी। इसके साथ ही सौर ऊर्जा का बड़ा हब विकसित होगा। क्षेत्र में सौर ऊर्जा से जुड़े उपकरण बनाने वाली कई कंपनियों को जमीन आवंटित की गई है। टैक्टर के इंजन भी बनाए जाएंगे। वायर हार्नेस के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम हो जाएगी।
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विकास की चमक
यमुना विकास प्राधिकरण क्षेत्र छह जिलों तक फैला है। इनमें गौतमबुद्धनगर के अलावा बुलंदशहर, हाथरस, अलीगढ़, मथुरा और आगरा शामिल है। यीडा फेज-1 के तहत फिलहाल जेवर और बुलंदशहर की भूमि पर विकास कार्य कर रहा है, जबकि अन्य चार जिले फेज-2 के तहत विकसित किए जाएंगे। इन क्षेत्रों में विशेष महत्वकांक्षी परियोजनाएं प्रस्तावित है। मथुरा में राया हेरीटेज सिटी बसेगी। अलीगढ़ लॉजिस्टिक के रूप में विकसित होगा। हाथरस में पारंपरिक उद्योगों को पंख लगेंगे, जबकि आगरा को पर्यटन के रूप में विकसित किया जाएगा।
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शहर की प्रमुख परियोजनाएं
- मेडिकल डिवाइस पार्क
- अपेरल पार्क
- सेमीकंडक्टर पार्क
- राया हेरीटेज सिटी
- लॉजिस्टिक पार्क
- डाटा सेंटर पार्क
- टॉय पार्क
- फिल्म सिटी
- एमएसएमई पार्क
- हस्तशिल्प पार्क
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क्षेत्र में उद्योगों के आवंटन संबंधी विवरण
औद्योगिक भूखंडों के आवंटन- 3116
रजिस्ट्री हो चुके भूखंड- 2729
कब्जा प्राप्त हो चुके- 1831
नक्शा पास करा चुके- 757
वर्तमान में चल रही इकाई- 38
कंपलीशन जारी- 71
निर्माणाधीन इकाई- 400


