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संस्थापक सदस्यों को मतदाता बनाएं

फोनरवा चुनाव को लेकर डिप्टी रजिस्ट्रार ने निर्देश जारी किया संस्थापक सदस्य पीएस जैन...

संस्थापक सदस्यों को मतदाता बनाएं
हिन्दुस्तान टीम,नोएडाSat, 04 Nov 2023 07:30 PM
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नोएडा, वरिष्ठ संवाददाता। फोनरवा चुनाव की मतदाता सूची में संस्थापक सदस्यों को शामिल नहीं करने का मामला तूल पकड़ रहा है। डिप्टी रजिस्ट्रार ने मामले पर संज्ञान लेते हुए फोनरवा अध्यक्ष व महासचिव को नियमानुसार संस्थापक सदस्यों को शामिल करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, संस्थापक सदस्य पीएस जैन ने भी पत्र जारी कर इसकी मांग की है।
सेक्टर-27 आरडब्ल्यूए के सदस्य मनीश शर्मा ने डिप्टी रजिस्ट्रार को पत्र खिलकर संस्थापक सदस्यों को शामिल करने की डिप्टी रजिस्ट्रार से मांग की थी। संस्थापक सदस्यों में सुशील अग्रवाल, पीएस जैन, अरुण कालरा, सतीश खन्ना, गिरीजा सिंह और अरुण अरोड़ा शामिल हैं। पीएस जैन ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में फोनरवा ने शपथ पत्र देकर संस्थापक सदस्यों को शामिल करने की बात कही है। अब ऐसा नहीं किया गया तो दोबारा कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। वहीं, फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने बताया कि नियमानुसार ही कार्य किए जाएंगे। मतदाता सूची में सदस्यों को शामिल करने या हटाने का निर्णय चुनाव अधिकारी लेंगे।

मतदाता सूची पर जताई आपत्ति, डीएम को लिखा पत्र

फोनरवा की मतदाता सूची पर आपत्तियां आनी शुरू हो गईं है। सेक्टर-34 की सोसाइटी के अध्यक्ष व बीजेपी के जिला मंत्री एसपी चमौली ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर आपत्ति की है। उन्होंने कहा है कि सेक्टर-145 में किसी भी भवन के निर्माण नहीं होने की स्थिति में भी वहां पर आरडब्ल्यूए का गठन दूसरे सेक्टर के पते पर किया गया है। इसी तरह के मतदाता सूची में अन्य कई उदाहरण हैं। फोनरवा में बिल्डर सोसाइटी की एओए को भी शामिल किया गया, जिनके मुददे और समस्याएं आरडब्ल्यूए से अलग हैं। इसमें सेक्टर-46 की गार्डन गलेरिया, सेक्टर-76 की स्काईटेक मेंटरोट सोसाइटी आदि सोसाइटी शामिल हैं। इसके अलावा ऐसे लोगों को भी शामिल किया गया है, जिनके सेक्टर के आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष व महासचिव बदल चुके हैं। मतदाता सूची में पूर्व पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि उन्हें सेक्टर के निवासियों ने मतदान करके विजयी बनाया है। सेक्टर-108 के आरडब्ल्यूए महासचिव सुरेश सी छाबरा ने आपत्ति में कहा कि कुछ सदस्यों ने गैर कानूनी तरह से उन्हें हटाया है। जबकि डिप्टी रजिस्ट्रार ने अभी उन्हें पद से नहीं हटाया है।

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