
लैंड बैंक बनाने की योजना रफ्तार नहीं पकड़ रही
- मुआवजा में वृद्धि का प्रकरण शासन स्तर पर लंबित - किसान सहमति के आधार
नंबर गेम 08 औद्योगिक सेक्टरों लैंड बैंक बनाए जाने की है योजना 900 हेक्टेयर जमीन खरीदने का लक्ष्य तय किया गया 550 हेक्टेयर भूमि की ही अब तक खरीदारी हो सकी ग्रेटर नोएडा, कार्यालय संवाददाता। ग्रेटर नोएडा के आठ नए औद्योगिक सेक्टरों में 900 हेक्टेयर का लैंड बनाने की योजना में तेजी नहीं आ रही। अब तक लगभग 550 हेक्टेयर जमीन ही किसानों से सहमति के आधार पर खरीदी जा सकी है। मुआवजा राशि बढ़ने का इंतजार कर रहे किसान फिलहाल जमीन देने को तैयार नहीं है। मुआवजा में वृद्धि का प्रकरण शासन स्तर पर लंबित है। प्राधिकरण के अधिकारी के मुताबिक आठ औद्योगिक सेक्टरों इकोटेक-7, 8, 9, 12ए, 16,19, 19ए और 21 में उद्योगों के लिए जमीन की सख्त जरूरत है।
यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियां निवेश करने के लिए आगे आ रही हैं। सोलर कंपनी अवाडा को इकोटेक-16 में 50 एकड़ जमीन आवंटित भी की जा चुकी है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की वजह से ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बढ़ गई हैं। इसको देखते हुए प्राधिकरण ने उद्योगों के लिए जमीन की खरीद का प्रयास तेज कर दिया है। इन आठ सेक्टरों में लगभग 900 हेक्टेयर का लैंड बैंक तैयार करने का लक्ष्य रखते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। हालांकि, इसमें ज्यादा सफलता मिलती नहीं दिख रही। मुआवजा राशि कम होना इस रास्ते में बाधा बनी हुई है। अधिकारी के मुताबिक इन आठों सेक्टरों में अब तक की गई जमीन की खरीदारी उद्योग की जरूरत का लगभग 60 फीसदी ही है। जबकि, जमीन की खरीद प्रक्रिया पिछले लगभग तीन सालों से चल रही है। सहमति के आधार पर जमीन की खरीदारी के लिए गांवों में शिविर लगाया जा रहा है। इसके बावजूद किसान मौजूदा मुआवजा दर 4,125 रुपये प्रति वर्गमीटर पर जमीन देने को तैयार नहीं है। मुआवजा बढ़ाने की मांग क्षेत्र के किसान पिछले कई सालों से कर रहे हैं। प्राधिकरण के अधिकारी इस संबंध में शासन में बैठे उच्चाधिकारियों को अवगत करा चुके हैं। पत्र भी लिखा जा चुका है। मुआवजा बढ़ने के बाद ही जमीन की खरीदी में तेजी आने की संभावना है। इन गांवों में जमीन की खरीदारी की जा रही पौवारी, इमलियाका,अटाई मुरादपुर, लुक्सर, दादूपुर, लडपुरा, खानपुर, सिरसा, वैदपुरा, जान समाना, सुनपुरा, भोला रावल, धूममानिकपुर, खेड़ी, आमका, किराचपुर उर्फ कैलाशपुर, खोदना कलां, भनौता व खोदना खुर्द आदि गांवों में जमीन की खरीदारी की जा रही है। बेहतर बुनियादी संसाधन के चलते ग्रेटर नोएडा की तरफ औद्योगिक निवेशकों का रुझान तेजी से बढ़ा है। तमाम निवेशक यहां उद्योग लगाने के लिए जमीन मांग रहे हैं। इसके लिए किसानों से सहमति के आधार पर जमीन की खरीदारी की जा रही है। आठ औद्योगिक सेक्टरों में लगभग 900 हेक्टेयर का लैंड बैंक तैयार किया जा रहा है। मुआवजा कम होने की वजह से जमीन खरीद में दिक्कत आ रही है। मुआवजा बढ़ाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। इसके बाद जमीन खरीद में तेजी आएगी। रवि कुमार एनजी, सीईओ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण।

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