कार के शोरूम में दर्जी ने आग लगाई थी
श्रमिक हिंसा सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो की जांच में खुलासा आगजनी की घटना

श्रमिक हिंसा सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो की जांच में खुलासा
आगजनी की घटना के बाद वीडियो बनाकर साझा भी किया
रवि प्रकाश सिंह रैकवार
नोएडा। श्रमिक हिंसा मामले की जांच में पुलिस को एक दर्जी की भूमिका संदिग्ध मिली। आगजनी और तोड़फोड़ के वीडियो खंगालने पर आरोपी की पहचान हुई। पुलिस का दावा है कि उसने भीड़ के साथ मिलकर सेक्टर-63 थाना क्षेत्र स्थित विपुल मोटर्स के शोरूम में आग लगाई थी।
घटना का विवरण
बीते माह 13 अप्रैल को श्रमिक आंदोलन के दौरान हिंसा भड़क गई थी। करीब 400 दुकानों में तोड़फोड़ की गई। 30 से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। विपुल मोटर्स शोरूम में लगी आग इस हिंसा की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक थी। आग लगने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। इस मामले में सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो की जांच के दौरान दर्जी नरेश कुमार आगजनी करते पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने खुद भी घटनास्थल का वीडियो बनाया। बाद में इसे अपने परिचितों के बीच साझा किया। पुलिस को आशंका है कि हिंसा को सुनियोजित तरीके से अंजाम देने और सोशल मीडिया पर माहौल भड़काने के लिए वीडियो रिकॉर्ड किया गया। घटना के बाद आरोपी नरेश कुमार नोएडा छोड़कर अपने गृह जनपद फतेहपुर फरार हो गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए अपना मोबाइल नंबर भी बदल लिया। पुलिस को जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी दर्जी का संपर्क पहले गिरफ्तार किए जा चुके आदित्य आनंद और उसके साथियों से भी था। पुलिस दोनों के बीच हुई बातचीत और मोबाइल लोकेशन की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि हिंसा के दौरान कई लोग अलग-अलग समूहों में सक्रिय थे और आगजनी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए भीड़ को उकसाया गया था। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
कई अन्य की भूमिका की जांच
पुलिस का कहना है कि हिंसा में शामिल अन्य आरोपियों की भी पहचान की जा रही है। कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक तकनीकी साक्ष्यों और वीडियो फुटेज के आधार पर आगे भी गिरफ्तारी की कार्रवाई जारी रहेगी।
एनएसए का मामला
इस मामले में सत्यम वर्मा और उसकी महिला साथी के खिलाफ पुलिस एनएसए लगा चुकी है। दोनों पर आरोप है उन्होंने सुनियोजित तरीके से साजिश रचकर प्रदर्शन को हिंसक बनाया। दोनों फिलहाल वर्तमान में जेल में हैं।
पाक कनेक्शन
हिंसा के बाद जब पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो पाकिस्तान कनेक्शन भी मामले में सामने आया। प्रारंभिक चरण में सोशल मीडिया पर जिन दो अकाउंट से श्रमिकों के मारे जाने की अफवाह फैलाई गई थी, दोनों पाकिस्तान से संचालित मिले। इसे हिंसा के कुछ दिन पहले ही बनाया गया था।
प्रश्न और उत्तर
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