सड़कों के किनारे मिट्टी का ढेर, खुले में पड़ी निर्माण सामग्री
ग्रेटर नोएडा में वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। निर्माण सामग्री खुले में पड़ी है और टूटी सड़कों पर धूल उड़ रही है। पानी का छिड़काव नाकाफी साबित हो रहा है। ग्रैप 4 के बावजूद नियमों का पालन नहीं हो रहा है, जिससे स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है।

सड़कों के किनारे मिट्टी का ढेर, खुले में पड़ी निर्माण सामग्री पानी के छिड़काव के नाम पर खानापूर्ति, टूटी सड़कों वाले स्थान पर सबसे ज्यादा धूल उड़ रही धूल के कणों के फैलाव को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदम नाकाफी साबित हो रहे ग्रेटर नोएडा, कार्यालय संवाददाता। वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रैप 4 लगने के बाद भी निर्माण सामग्री भी खुली में पड़ी है। सड़कों के किनारे जगह-जगह पर मिट्टी का ढेर लगे हैं। टूटी सड़कों पर सबसे अधिक धूल उड़ रही है। पानी के छिड़काव के नाम पर खानापूर्तिं की रही है।
सड़कों की सफाई के उपाय नाकाफी साबित हो रहे हैं। टूटी सड़कों वाले स्थान पर भी नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा। इससे धूल उड़ती रहती है। हिंडन कुलेसरा पुस्ता के पास खुले में बालू और मोरंग पड़ी है। शहर की प्रमुख सड़कों सूरजपुर-कासना मार्ग, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जोड़ने वाली 130 मीटर चौड़ी सड़क पर सफाई के बाद मिट्टी नहीं उठाई जा रही। पूर्व में भी इस तरह की लापरवाही पाई गई थी। कस्बा सूरजपुर, कासना और तिलपता में भी धूल उड़ती रहती है। यहां नियमित रूप से साफ-सफाई नहीं की जा रही। 130 मीटर सड़क के निरीक्षण के दौरान पूर्व में मुख्य मार्ग पर काफी गंदगी पाई गई थी। डिवाइडर के किनारे काफी मिट्टी जमा थी। इस पर कंपनी पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इसके बाद भी स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ। इस सड़क पर तिलपता के पास निर्माणाधीन फ्लाईओवर के आसपास धूल उड़ती रहती है। प्राधिकरण गोलचक्कर से सुपरटेक सोसाइटी गोलचक्कर के बीच में जगह-जगह पर मिट्टी के ढेर लगे हुए हैं। रेत भी खुली पड़ी है। यहां पर पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। बस-वे का काम चलने की वजह से यहां खुदाई हो रखी है। प्राधिकरण गोलचक्कर सेक्टर डेल्टा-1 और डेल्टा-2 में टूटी पड़ी सड़क पर भी धूल उड़ती रहती है। ------------ सेक्टरों में निर्माण कार्य जारी ग्रैप-4 की पाबंदियां लगने पर सभी तरह के निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंद लगा दिया गया है, बावजूद इसके ग्रेटर नोएडा में इसका ज्यादा असर नहीं दिख रहा। अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा, म्यू, ज्यू, ओमिक्रोन आदि आवासीय सेक्टरों में धड़ल्ले से मकानों का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माणाधीन साइट पर नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। निर्माण सामग्री खुले में पड़ी हुई है। ---------- सड़कों की साफ-सफाई और पानी के छिड़काव की व्यवस्था का जायजा लिया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ग्रैप-4 के नियमों का उल्लंघन न होने पाए। नियमों का उल्लंघन पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। एके सिंह, महाप्रबंधक परियोजना, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण।

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