ग्रेनो के छह सेक्टरों और 38 गांवों में पेयजल आपूर्ति की तैयारी तेज
ग्रेटर नोएडा में पेयजल आपूर्ति की योजना पर काम तेज किया जा रहा है। 38 गांवों में पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है और साल के अंत तक काम पूरा होने का लक्ष्य है। गंगाजल की आपूर्ति को भी बढ़ाने की तैयारी है। वन सिटी वन ऑपरेटर योजना के तहत जलापूर्ति में सुधार की योजना है।

ग्रेटर नोएडा, सीएल मौर्य। ग्रेटर नोएडा ईस्ट और वेस्ट इलाके के छह सेक्टरों और अधिसूचित क्षेत्र के बाकी गांवों में पेयजल आपूर्ति की योजना पर काम तेज कर दिया गया है। इस समय 38 गांवों में पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा है। साल के अंत तक काम पूरा होने की उम्मीद है। भूजल के साथ गंगाजल आपूर्ति के नेटवर्क को भी बढ़ाया जा रहा है। अधिकारी के मुताबिक ग्रेटर नोएडा वेस्ट के औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-11, 1, नॉलेज पार्क-5 के अलावा आवासीय सेक्टर-1, 10 और 12 में पेयजल पाइप लाइन बिछाई जा रही है। प्राधिकरण द्वारा विकसित किए गए इन सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति के साथ अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराए जाने का काम चल रहा है। जमीन न मिलने की वजह से कुछ इलाके में काम प्रभावित हो रहा था। सर्वेक्षण कर ऐसे सभी स्थान चिन्हित कर लिए गए हैं, जहां पर पाइन लाइन का काम अधूरा है। बता दें कि ग्रेटर नोएडा के सेक्टरों और क्षेत्र के गांवों में बेहतर जलापूर्ति के लिए मास्टर प्लान-2041 के तहत कार्ययोजना तैयार की गई है। सलाहकार एजेंसी ने इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर प्राधिकरण को सौंप दी है। मौजूदा नेटवर्क का रखरखाव करने के साथ संसाधन बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। दरअसल शहरी क्षेत्र का विस्तार और आबादी बढ़ने से मौजूदा संसाधन कम पड़ने लगे हैं। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र की आबादी 12 लाख से अधिक हो गई है। आगामी 25 वर्षों के हिसाब से आधारभूत संसाधान बढ़ाने पर जोर दिया गया है। जल विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस समय शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्र मिलाकर 312 नलकूपों की मदद से लगभग 270 एमएलडी भूजल और 70-80 एमएलडी गंगाजल की आपूर्ति की जा रही है। गांवों में सीधे नलकूप से जल आपूर्ति की जाती है। भविष्य में गांवों में भी ओवर हेड टैंक और भूमिगत जलाशय का निर्माण कर निर्बाध पेयजल आपूर्ति की तैयारी है.
गांवों में भी गंगाजल आपूर्ति की तैयारी-
ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के गांवों में भी गंगाजल आपूर्ति शुरू करने की तैयारी चल रही है। सबसे पहले सेक्टर के समीप स्थित गांवों को गंगाजल की लाइन से जोड़ा जाएगा। इसका सर्वेक्षण किया जा रहा है। वरिष्ठ प्रबंधक विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि प्रथम चरण के 120 गांवों में से 68 गांवों में पेयजल आपूर्ति की जा रही है। वहीं 38 गांवों में काम चल रहा है। क्षेत्र के सभी गांवों में जलापूर्ति का नेटवर्क फैलाने की कार्ययोजना बनाई है। जिन गांवों में काम चल रहा है, उनमें डाबरा, सफीपुर, घोड़ी बछेड़ा और क्यामपुर आदि शामिल हैं.
वन सिटी वन ऑपरेटर योजना पर काम चल रहा-
प्राधिकरण वन सिटी वन ऑपरेटर योजना पर भी काम कर रहा है। इसके तहत ग्रेटर नोएडा ईस्ट और ग्रेटर नोएडा वेस्ट इलाके में जलापूर्ति के लिए अनुभव प्राप्त बड़ी कंपनी का चयन किया जाएगा,ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके। वहीं पेयजल की बर्बादी को रोकने के लिए मीटर भी लगाया जाएगा.
पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने की योजना-
पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने की योजना पर काम किया जा रहा है। सभी सेक्टरों और अधिसूचित क्षेत्र के गांवों में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सलाहकार एजेंसी की मदद से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। अध्ययन कर उसके हिसाब से काम किया जाएगा.
रवि कुमार एनजी, सीईओ, ग्रेटर नोएडा।
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