उद्यमी बोले, भविष्य में आर्थिक बोझ न डाला जाए
ग्रेटर नोएडा के उद्यमियों ने श्रमिकों के वेतन में वृद्धि के चलते आर्थिक बोझ बढ़ने की चिंता जताई है। उन्होंने सरकार से अनुरोध किया है कि उद्योगों पर कोई और बोझ न डाला जाए और राहत देने के उपाय जैसे कर में छूट और सब्सिडी प्रदान की जाए। उद्यमियों का मानना है कि इससे उद्योग की प्रगति प्रभावित हो सकती है।

ग्रेटर नोएडा, सीएल मौर्य। श्रमिकों के वेतन में वृद्धि से उद्यमियों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। ग्रेटर नोएडा के विभिन्न उद्यमी संगठनों ने शुक्रवार को कहा कि इसका असर कारोबार को गतिशील रखने पर पड़ सकता है। उन्होंने मांग की है कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि निकट भविष्य में कोई आर्थिक बोझ उद्योगों पर नहीं डाला जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में आईआईए के अध्यक्ष सरबजीत सिंह, आईईए के अध्यक्ष संजीव शर्मा आदि ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा की गई वेतन वृद्धि, अतिरिक्त समय आदि के कुल समायोजन के बाद सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) उद्योग की व्यावहारिकता के शून्य होने की प्रबल संभावना पैदा हो गई है।
सरकार ने एकतरफा निर्णय लिया है, जिससे इस क्षेत्र की प्रगति प्रभावित हो सकती है। उद्यमी सरकार के निर्णय के साथ हैं और लागू भी करेंगे, लेकिन उद्यमियों को भी तो राहत दी जाए। आर्थिक बोझ को सरकार भी किसी न किसी रूप में वहन करे। कर में छूट दे, सब्सिडी दे, तभी समझा जाएगा कि सरकार उद्यमियों के साथ खड़ी है। इस मौके पर इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) ग्रेटर नोएडा इकाई के चेयरमैन सरबजीत सिंह, जेएस राणा, अमित शर्मा, इंडियन इंटरप्रेन्योर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव शर्मा, पुष्पेंद्र तिवारी, इंडियन बिजनेस एसोसिएशन से डॉ़ खुशबू, लघु उद्योग भारती से नरेश गुप्ता, संजय बत्रा, साहिल आदि उद्यमी उपस्थित रहे।
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