
चेक बाउंस मामले में एक साल की सजा, साढ़े छह लाख का जुर्माना
ग्रेटर नोएडा के जिला न्यायालय ने चेक बाउंस मामले में शिवनाथ गुप्ता को दोषी ठहराते हुए एक साल की साधारण कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने 6.50 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया, जिसमें से 6.25 लाख रुपये पीड़ित को दिए जाएंगे। आरोपी ने कोर्ट में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
ग्रेटर नोएडा,संवाददाता। जिला न्यायालय ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी शिवनाथ गुप्ता को दोषी करार देते हुए एक साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 6.50 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोषी को जुर्माना राशि के 6.25 लाख रुपये परिवादी को प्रतिकर के रूप में देने होंगे। एडवोकेट प्रिंस टाइगर ने बताया कि नोएडा निवासी वीरेंद्र सिंह ने आरोपी शिवनाथ के कहने पर दिल्ली में एक साइट पर खुदाई का काम किया था। पीड़ित ने आरोपी पक्ष से अपने काम का पैसा मांगा था। इसके बाद पीड़ित ने आरोपी पक्ष द्वारा दिया गया एक चेक बैंक में जमा कराया था, लेकिन खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया।
इसके बाद पीड़ित वीरेंद्र सिंह की ओर से नियमानुसार कानूनी नोटिस भेजा गया, बावजूद इसके निर्धारित समयावधि में भुगतान नहीं किया गया। इसके चलते धारा-138 एनआई ऐक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि परिवादी की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य और गवाहों के बयान विश्वसनीय हैं। वहीं आरोपी अपने बचाव में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार चेक जारी करने वाले पर यह जिम्मेदारी होती है कि वह भुगतान सुनिश्चित करे, अन्यथा चेक बाउंस होने पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। अदालत ने आरोपी शिवनाथ गुप्ता निवासी खोडा कॉलोनी को एक साल की साधारण कारावास की सजा सुनाते हुए आदेश दिया कि वह कुल 6.50 लाख रुपये का जुर्माना अदा करें। इसमें से 6.25 लाख रुपये परिवादी को प्रतिकर के रूप में दिए जाएंगे, जबकि शेष राशि राजकोष में जमा होगी।

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