जमीन के विवाद सुलझाने के लिए सुझाव मांगे

Newswrap हिन्दुस्तान, नोएडा
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ग्रेटर नोएडा में अधिसूचित गांवों में आबादी की जमीन के विवाद सुलझाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। एमएलसी श्रीचंद शर्मा ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया। प्राधिकरणों से सुझाव मांगे गए हैं, और घरौनी बनाने का कार्य प्रारंभ होगा। लीजबैक और शिफ्टिंग के मामले भी लंबित हैं, जिनका समाधान तलाशा जा रहा है।

जमीन के विवाद सुलझाने के लिए सुझाव मांगे

ग्रेटर नोएडा, प्रमुख संवाददाता। प्राधिकरणों के अधूसूचित गांवों में आबादी की जमीन के विवाद सुलझाने की तैयारी है। इसके लिए जिले के तीनों प्राधिकरणों से सुझाव मांगे गए हैं। एमएलसी श्रीचंद शर्मा ने यह मुद्दा विधानसभा में उठाया था। प्रदेश सरकार ने गांवों में आबादी की जमीन को लेकर होने वाले विवादों को निपटाने के लिए घरौनी बनाने का फैसला लिया है। एग्रीकल्चर लैंड (भूमिधर) के लिए राजस्व विभाग खतौनी बना रहा है। इसी तरह आबादी वाली जमीन के लिए घरौनी बनाने का काम शुरू किया गया। गौतमबुद्ध नगर में 88 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें भी घरौनी का काम हुआ, लेकिन, नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यीडा क्षेत्र के अधिसूचित गांवों में घरौनी का काम नहीं शुरू हो सका।

इसको लेकर ग्रामीणों ने जन प्रतिनिधियों से शिकायत की और एमएलसी श्रीचंद शर्मा ने ग्रामीणों की इस समस्या को विधानसभा में उठाया। विगत दिवस एमएलसी श्रीचंद शर्मा यीडा कार्यालय पहुंचे और यहां सीईओ आरके सिंह से पुन: मामले में बातचीत की। अब जिले के तीनों प्राधिकरणों से इस पर सुझाव मांगे हैं। प्राधिकरण अपने जवाब तैयार करने में जुटे हैं। प्राधिकरण क्षेत्रों के गांवों में घरौनी नहीं बनने से ग्रामीणों की आबादी के दस्तावेज नहीं बन पा रहे हैं।---लीजबैक-शिफ्टिंग में भी फंसे ग्रामीणअधिसूचित गांवों में आबादी से जुड़े लीजबैक व शिफ्टिंग के मामले भी लंबित पड़े हैं। नोएडा, ग्रेनो व यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में किसानों के कुल 367 से अधिक लीजबैक और शिफ्टिंग के मामले लंबित हैं। इनमें 88 लीजबैक, जबकि 279 शिफ्टिंग के मामले हैं। यह भूमि वर्ष 2009-10 में प्राधिकरण क्षेत्र में शामिल की गई थी। इसे लेकर किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। एसआईटी गठित होने के बाद भी मामले नहीं सुलझ सके हैं।---कोट:एमएलसी के साथ गांवों में घरौनी बनाने के मामले में चर्चा हुई थी। प्राधिकरण अपने जवाब तैयार कर रहा है। जल्द ही पूरे मामले में जवाब तैयार कर लिए जाएंगे।- आरके सिंह, सीईओ यीडा---आशीष धामा

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