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जिले में सभी हाईटेंशन लाइन भूमिगत होंगी

जिले में सभी हाईटेंशन लाइन भूमिगत होंगी

संक्षेप:

विद्युत निगम ने नोएडा में बिजली ढांचे के आधुनिकीकरण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की है। सभी हाईटेंशन (एचटी) लाइनें भूमिगत की जाएंगी और कंट्रोल रूम से ऑनलाइन निगरानी रखी जाएगी। 1313 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति मिल चुकी है, जिससे उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलेगी।

Dec 13, 2025 05:42 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नोएडा
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विद्युत निगम ने टेंडर प्रक्रिया शुरू की, विद्युत ढांचे के आधुनिकीकरण योजना के तहत यह कार्य किया जाएगा नोएडा, वरिष्ठ संवाददाता। शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं हो हर मौसम में निर्बाध आपूर्ति देने के लिए सभी हाईटेंशन (एचटी) लाइन भूमिगत की जाएगी। इसके लिए विद्युत निगम ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। विद्युत ढांचे के आधुनिकीकरण योजना के तहत यह कार्य किया जाएगा। सभी एचटी लाइन कंट्रोल रूम से भी जोड़ी जाएगी, ताकि इन पर ऑनलाइन निगरानी रखी जा सके। जिले में केंद्र और प्रदेश सरकार की संयुक्त योजना के तहत बिजली ढांचे के आधुनिकीकरण और स्काडा कंट्रोल योजना के तहत बिजली ढांचे को सुधारने का कार्य किया जाना है।

इसके लिए 1313 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके साथ बिजली लाइनों की क्षमता वृद्धि का कार्य भी किया जाएगा। जरुरत के अनुसार नई बिजली लाइनें भी डाली जाएंगी। वहीं, जर्जर बिजली के खंभों को भी दुरुस्त किया जा रहा है और जरुरत के अनुसार नए खंभे भी लगाए जा रहे हैं। दशकों पुराना ढांचा मजबूत होगा तो उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति भी मिल सकेगी। इस कार्य को दो फेस में किया जाएगा। अभी स्काड़ा योजना के तहत 650 करोड़ रुपये का टेंडर एक कंपनी को दिया गया है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने जिले के अभियंताओं के साथ काम के सिलसिले में बैठक भी करनी शुरू कर दी है। इसके साथ ही सभी एचटी लाइनों को भूमिगत भी किया जाएगा। इसमें 11 हजार केवीए और 33 हजार केवीए की लाइन शामिल है। इन लाइनों पर कंट्रोल रूम से ऑनलाइन निगरानी भी रखी जाएगी। विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार शहर में 33 हजार केवी की साढ़े पांच सौ किलोमीटर लंबी लाइनें हैं। इसमें करीब 460 किलोमीटर लाइन को भूमिगत किया जा चुका है। शेष 90 किलोमीटर लाइनें अंडरग्राउंड होना बाकी है। वहीं, शहर में 11 हजार केवी की 16 सौ एक किलोमीटर लाइनें है। इसमें पांच सौ 60 किलोमीटर लाइन भूमिगत हो चुकी है। बाकी एक हजार 40 किलोमीटर को अगले एक वर्ष में भूमिगत किया जाएगा। योजना के तहत सभी लाइनों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इसके अलावा जरुरत के अनुसार 11 हजार और 33 हजार केवीए की नई लाइनें भी बनाई जाएगी, ताकि एक लाइन में दिक्कतें आने पर दूसरी लाइन से आपूर्ति शुरू की जा सक। इसके अलावा बिजली उपकेंद्रों को भी आपस में जोड़ा जाएगा। इससे एक उपकेंद्र पर दिक्कतें आने पर दूसरे उपकेंद्र से आपूर्ति शुरू की जा सकेगी। शहरी क्षेत्र में योजना का तुरंत लाभ मिलेगा बिजली ढांचे के आधुनिकीकरण का त्वरित लाभ शहरी क्षेत्र के उपभोक्ताओं को मिलेगा। शहरी क्षेत्र में बड़े स्तर पर बिजली ढांचे में सुधार होगा। इससे उपभोक्ताओं को आंधी-बारिश में भी निर्बाध आपूर्ति मिल सकेगी। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को लोकल फॉल्ट की समस्या भी राहत मिल जाएगी। अब नामी कंपनी को टेंडर होने से तेजी से कार्य शुरू हो सकेगा। विद्युत निगम द्वारा उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति देने के लिए तमाम कार्य किए जा रहे हैं। स्काडा योजना के तहत कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। इसके साथ ही एचटी लाइन को भूमिगत भी किया जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं को हर मौसम में निर्बाध आपूर्ति दी जा सके। -विवेक कुमार पटेल, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम

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