श्रमिकों के बाद घरेलू सहायिकाएं भी भड़कीं
क्लियो काउंटी सोसाइटी के बाहर पुलिस की बस में की तोड़फोड़ सुपरटेक

क्लियो काउंटी सोसाइटी के बाहर पुलिस की बस में की तोड़फोड़ सुपरटेक केपटाउन के गेट पर भी प्रदर्शन, एओए ने समझाकर भेजानोएडा संवाददाता। जिले में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर जारी श्रमिकों के आंदोलन के बीच मंगलवार सुबह घरेलू सहायिकाएं भी कम तनख्वाह को लेकर दो स्थानों पर प्रदर्शन किया। सेक्टर-121 स्थित क्लियो काउंटी सोसाइटी के पास पथराव कर पुलिस बस में तोड़फोड़ की। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ा। वहीं, सेक्टर-74 स्थित सुपरटेक केपटाउन सोसाइटी के गेट पर भी कुछ घरेलू सहायिकाओं ने प्रदर्शन किया। उन्हें एओए ने समझाकर घर भेजा।सुबह करीब नौ बजे शहर में पुलिस गश्त कर रही थी।
इसी बीच सूचना मिली कि सेक्टर-121 स्थित क्लियो काउंटी सोसाइटी के निकट बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्र हुई हैं। ये वह महिलाएं थीं, जो घरों में काम करती हैं। सूचना मिलने पर पुलिसबल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने महिलाओं सेशांतिपूर्वक अपनी बात कहने के लिए कहा। इस दौरान महिलाओं के साथ आए कुछ अराजकतत्वों ने हिंसक रूप धारण कर लिया। पुलिस से हाथापाई शुरू कर दी। देखते ही देखते महिलाओं ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस की बस में जमकर तोड़फोड़ की। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर महिलाओं को खदेड़ा। काफी देर तक अधिकतर घरेलू सहायिकाएं निकट के ही गढ़ी चौखंडी गांव में रहती हैं। करीब एक घंटे तक हंगामे का माहौल रहा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घरेलू सहायिकाओं के साथ में कुछ नकाबपोश महिलाएं भी शामिल थीं। उन्होंने शांतिपूर्वक प्रदर्शन को हिंसक बनाने का प्रयास किया। इन महिलाओं की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके संबंध में फेज-तीन थाने पर पुलिस की ओर से अज्ञात के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की जाएगी।----------सोसाइटी में रहने वाले लोग सहमेघरेलू सहायिकाएं मंगलवार सुबह सोसाइटी के निकट एकत्र होकर जोर-जोर से नारेबाजी करने लगीं। देखते ही देखते महिलाओं की संख्या सैकड़ों में तब्दील हो गई। आक्रोषित महिलाओं ने सोसाइटी में जबरन घुसने का प्रयास किया। शोर सुनकर फ्लैट की बालकनी से लोग देखने लगे। महिलाओं ने जब पुलिस की बस पर पथराव शुरू किया तो सोसाइटी में रहने वाले लोग सहम गए। फ्लैट में रहने वाले लोगों ने बालकनी से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कीं।----------कम वेतन और शोषण से नाराजगीप्रदर्शन कर रहीं महिलाओं का कहना है कि उन्हें घरों में झाडू-बर्तन जैसे काम के लिए मात्र तीन से चार हजार रुपये प्रतिमाह मिलता है। इसके अलावा किसी भी त्योहार, कार्यक्रम या अतिरिक्त काम के लिए न तो अलग से भुगतान मिलता है और न ही बोनस मिलता है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि माह में मुश्किल से दो छुट्टी मिलती हैं। किसी कारण छुट्टी लेनी पड़ जाए तो वेतन में कटौती कर दी जाती है।----------घर चलाना मुश्किल हो गयाप्रदर्शन में शामिल (जिला हरदोई निवासी) रामलली ने बताया कि पति का 18 वर्ष पूर्व निधन हो गया था। वह सेक्टर-121 स्थित गढ़ी चौखंडी में एक घर में किराए पर रहती हैं। परिवार में दो बेटे और दो बेटी हैं, जिनमें बड़ा बेटा एक कंपनी में 12 हजार रुपये प्रति माह नौकरी करता है। उन्हें सिर्फ चार हजार रुपये मिलते हैं। 5500 रुपये किराए और बिजली में ही खर्च हो जाते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई और घर खर्च चलाना बेहद मुश्किल हो रहा है। इसी कारण बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ाना पड़ रहा है।----------सुपरटेक केपटाउन पर एकत्र हुईं महिलाएंमंगलवार सुबह करीब 10 बजे 100 से अधिक संख्या में घरेलू सहायिकाएं सेक्टर-74 स्थित सुपरटेक केपटाउन सोसाइटी के गेट पर एकत्र हुईं। उन्होंने वेतन वृद्धि समेत अन्य समस्याओं को लेकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इस दौरान लोगों की भीड़ भी एकत्र हो गई। सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हैं। हंगामे की सूचना पर पहुंचे एओए के अध्यक्ष प्रवीण भारद्वाज ने घरेलू सहायिकाओं को समझाया और बातचीत के जरिये समाधान करने का आश्वासन दिया। तब जाकर महिलाओं का गुस्सा शांत हुआ। इनके अलावा भी अन्य सोसाइटियों में घरेलू सहायिकाओं और सुरक्षा गार्डों ने कम वेतन को लेकर रोष जताया है। पुलिस की सक्रियता के चलते वह प्रदर्शन नहीं कर सके। यह स्पष्ट है कि घरेलू सहायिकाओं और सुरक्षा गार्डों के बीच भी अब कम वेतन को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।
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