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पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमत के खिलाफ राजनीतिक पार्टियों का प्रदर्शन

पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमत के खिलाफ राजनीतिक पार्टियों का प्रदर्शन

1 / 2पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमत के खिलाफ गुरुवार को राजनीति पार्टियों ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बैलगाड़ी से निकलकर केंद्र सरकार की नीतियों की खिलाफत की। वहीं सपा के...

पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमत के खिलाफ राजनीतिक पार्टियों का प्रदर्शन

2 / 2पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमत के खिलाफ गुरुवार को राजनीति पार्टियों ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बैलगाड़ी से निकलकर केंद्र सरकार की नीतियों की खिलाफत की। वहीं सपा के...

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नोएडा। वरिष्ठ संवाददाता

पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमत के खिलाफ गुरुवार को राजनीति पार्टियों ने प्रदर्शन किया। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने बैलगाड़ी से निकलकर केंद्र सरकार की नीतियों की खिलाफत की। सपा के कार्यकर्ता बाइक को उठाकर सेक्टर-19 स्थित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया।

कांग्रेस कार्यकर्ता सेक्टर-19 स्थित डाकघर के सामने के मैदान में इकट्ठा हुए। यहां बैलगाड़ी पर बैठकर सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। यहां सिटी मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि अगर इसी तरह पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बढ़ती रहीं तो भविष्य में बैलगाड़ी से ही चलना पड़ेगा। महानगर अध्यक्ष मुकेश यादव ने कहा कि मोदी सरकार जनता से मनमाने पैसे पट्रोल ओर डीजल के नाम पर ले रही है। प्रवक्ता पवन शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार ने 2014 से लेकर अभी तक 9 बार केंद्रीय उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी की है। 2012 में क्रूड तेल 127 डॉलर प्रति बैरल था, तब पट्रोल 65.64 रुपये एवं डीजल 40.91 रुपये था। आज क्रूड ऑयल 80 डॉलर पर होने के बावजूद कीमते 80 रुपये तक पहुंच गई है। इस मौके पर जितेन्द्र अम्बावत, दिनेश अवाना, आदि मौजूद रहे।

समाजवादी पार्टी ने भी पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बढ़ने के खिलाफ प्रदर्शन किया। सेक्टर 19 स्थित बीएसएनएल चौराहे पर दर्जनों सपाई इकट्ठा हुए। इसके बाद बाइक को खींचकर और उठाकर सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय तक ले गए। यहां राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन सौंपा। सपा कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताया। सपा के निवर्तमान महासचिव एवं प्रवक्ता राघवेंद्र दुबे ने कहा कि नेपाल, श्रीलंका,पाकिस्तान,बांग्लादेश आदि देशों में यहां से बहुत सस्ता पेट्रोल-डीजल है, लेकिन हमारे देश में इन उत्पादों की कीमतें लगातार क्यों बढ़ रही हैं। जब तक कीमतें कम नहीं होतीं तब तक सपा कार्यकर्ता जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे। इस मौके पर अर्जुन प्रजापति, जगत चौधरी, मनोज चौहान,राजेश अवाना, शालिनी खारी, आदि मौजूद रहे।

मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने किया प्रदर्शन

मुआवजा, आबादी निस्तारण सहित कई मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को भी प्रदर्शन किया। हालांकि प्राधिकरण के आश्वासन पर दोपहर के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। यह धरना-प्रदर्शन दस दिनों से लगातार किसान कर रहे थे।

किसानों ने प्राधिकरण से मांग की है कि जल्द ही किसानों को मुआवजा दी जाए, आबादी संबंधी मामलों के निस्तारण हों, स्कूलों, अस्पतालों में किसानों को छूट आदि दी जाए। किसान नेता मास्टर श्योराज सिंह ने बताया कि प्राधिकरण अधिकारियों के आश्वासन पर अनश्चितकालीन प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया है। स्कूलों में दाखिला, अस्पतालों में इलाज में छूट आदि का आश्वासन हमें दिया गया है। एक महीने के अंदर मुआवजा, आबादी निस्तारण आदि के मामले भी निस्तारित करने की बात कही गई है।

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  • Web Title:Demand for petrol-diesel prices