
आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में अग्रिम जमानत निरस्त
ग्रेटर नोएडा में बिसरख कोतवाली क्षेत्र में एक पति की आत्महत्या से जुड़े मामले में पत्नी एकता और उसके परिवार के सदस्यों की अग्रिम जमानत अदालत ने निरस्त कर दी। विकास कुमार ने अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ना का आरोप लगाया था। मामले में सबूत और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने आरोपियों को राहत नहीं दी।
ग्रेटर नोएडा, संवाददाता। बिसरख कोतवाली क्षेत्र में प्रताड़ना और आत्महत्या से जुड़े एक मामले में नामजद पत्नी, उसकी मां, भाई और पिता की अग्रिम जमानत अदालत ने निरस्त कर दी। दरअसल, इस मामले में उदय शंकर साह ने केस दर्ज कराया था कि उनके पुत्र विकास कुमार ने अपनी पत्नी एकता और ससुराल पक्ष की वैवाहिक प्रताड़ना से आहत होकर 5 अगस्त 2025 को अपने फ्लैट में आत्महत्या कर ली थी। आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही एकता, उसकी मां लता, भाई अंशु और पिता सत्येन्द्र द्वारा लगातार दहेज की मांग, धमकियां, गंदी गालियां और शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना दी जाती थी।
एकता ने विकास को कई बार पीटा, अपमानित किया और मानसिक रूप से प्रताड़िता किया। विकास ने थाने में एकता और उसके परिवार के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी। मृतक के फोन पर एकता द्वारा बार-बार धमकी भरे कॉल और खुद को खत्म कर लेने जैसे संदेश भी मिले, जो आत्महत्या से ठीक पहले भेजे गए थे। अभियोजन ने अदालत को बताया कि घरेलू सहायक ने भी अपने बयान में प्रताड़ना और मारपीट की पुष्टि की थी। आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं और अपराध गंभीर है। ऐसे में न्यायालय ने आरोपियों को अग्रिम राहत देने से इंकार कर दिया।

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