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27 नवंबर, 2020|12:05|IST

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जेवर एयरपोर्ट के निर्माण की निगरानी होगी

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ग्रेटर नोएडा। वरिष्ठ संवाददाता

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर के निर्माण कार्य पर नजर रखने के लिए प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कमेटी (पीएमजी) बनाई जाएगी। इस कमेटी में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) ने इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। शासन से हरी झंडी मिलने के बाद पीएमजी पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उम्मीद है कि अगले माह प्रधानमंत्री एयरपोर्ट की आधारशिला रख सकते हैं।

जेवर एयरपोर्ट का निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने के लिए नियाल जुट गई है। ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी ने यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट कंपनी लिमिटेड के नाम से बनाई गई एसपीवी (स्पेशल परपज व्हीकल) कामकाज देखेगी जबकि सरकार की ओर से नियाल निगरानी करेगी। नियाल के पास इतने संसाधन व विशेषज्ञ नहीं हैं जो इस परियोजना की निगरानी कर सकें।

इसके लिए पीएमजी बनाने का निर्णय लिया गया है। नियाल के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि इसके लिए एक प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वहां से अनुमति मिलने के बाद परियोजना से जुड़े विशेषज्ञों का चयन किया जाएगा। वहीं, एयरपोर्ट की विकासकर्ता कंपनी को 7 दिसंबर तक मास्टर प्लान जमा करना है।

कार्गो के लिए बेहतर है जेवर एयरपोर्ट

जेवर एयरपोर्ट में हवाई सफर के साथ कार्गो का भी काम शुरू होगा। सलाहकार एजेंसी ने कार्गो के लिए इस एयरपोर्ट को मुफीद बताया है। जेवर एयरपोर्ट के दूसरे चरण की तकनीकी आर्थिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट (टीईएफआर) पीडब्ल्यूसी कंपनी ने सौंप दी है। रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली एयरपोर्ट से औद्योगिक उत्पाद यूरोप, अमेरिका, चीन, मध्यपूर्व एशिया, दक्षिण एशिया व पूर्व एशिया को भेजे जेते हैं। इस एयरपोर्ट से गौतमबुद्ध नगर व गाजियाबाद से 51 फीसदी उत्पाद इन देशों को जाते हैं। अनुमान है कि यह प्रतिशत 2023 में बढ़कर 55 हो जाएगा। एनसीआर के शहरों की कंपनियां टेक्सटाइल, इलेक्ट्रिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मेसी उत्पाद बनाती हैं। जेवर एयरपोर्ट बनने के बाद ये उत्पाद यहीं से जाएंगे इसलिए जेवर एयरपोर्ट से कार्गो का काम भी बेहतर रहेगा।

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  • Web Title:Construction of Jewar Airport will be monitored