DA Image
5 मार्च, 2021|3:56|IST

अगली स्टोरी

इलाज में लापरवाही पर क्लीनिक सील

इलाज में लापरवाही पर क्लीनिक सील

नोएडा/दादरी संवाददाता

स्वास्थ्य विभाग ने बिना पंजीकरण और इलाज में लापरवाही बरतने पर दादरी के मैक्स केयर क्लीनिक को मंगलवार को सील कर दिया। अस्पताल में प्रसव के दौरान लापरवाही का आरोप परिजनों ने लगाया है जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल, जिलाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग से की गई थी। प्रसव के बाद बच्चे की मौत हो गई थी। वहीं, अस्पताल का पंजीकरण भी नहीं है। सप्ताहभर पहले इस मामले में नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। कोई जवाब नहीं आने पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की।

क्लीनिक में 50 बिस्तरों पर इलाज की सुविधा है। जबकि यहां चार डॉक्टर ओपीडी भी करते हैं। जारचा निवासी नाजिम ने आरोप लगाया है कि एक सप्ताह पहले प्रसव कराने के लिए गर्भवती पत्नी को दादरी के मैक्स केयर क्लीनिक में भर्ती कराया था। यहां काफी समय तक पत्नी बिना उपचार के तड़पती रही। बाद में इलाज के दौरान भी चिकित्सकों ने लापरवाही बरती जिससे बच्चे की मौत हो गई। अब भी पत्नी हालत गंभीर बनी हुई है। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री पोर्टल, जिलाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग से शिकायत की थी।

शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन सप्ताह बीतने के बाद भी जवाब नहीं मिला। इसके बाद डॉक्टर चंदन सोनी के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम भेजकर कार्रवाई की गई। टीम के पहुंचने पर अस्पताल संचालक फरार हो गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि क्लीनिक को सील कर दिया गया। क्लीनिक का पंजीकरण भी नहीं है। शिकायत के बाद अस्पताल प्रबंधन से पंजीकरण सहित मामले से संबंधित कागजात मांगे गए थे, लेकिन उन्हें दस्तावेज पेश नहीं किए। क्लीनिक संचालकों के खिलाफ एफआईआर भी कराई जाएगी।

हाल ही में दादरी में कोरोना वैक्सीन का फर्जी ट्रायल किया गया था

एक सप्ताह पहले ही दादरी के एक पैथोलॉजी लैब में एक निजी कंपनी की कोरोना वैक्सीन का फर्जी ट्रायल किया गया था। ट्रायल में शामिल सात लोगों के खिलाफ एफआईआर कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं वैक्सीन के ट्रायल की तकनीकी जांच केंद्रीय औषधि विभाग की टीम भी कर रही है।

जिला अस्पताल शिफ्ट हो सकता है

सेक्टर-39 कोविड अस्पताल जिला अस्पताल के रूप में तब्दील हो सकता है। इसको लेकर मंगलवार को शासन की ओर से एक डॉक्टर ने करीब डेढ़ घंटे तक अस्पताल का निरीक्षण किया। उनकी रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल की शिफ्टिंग से संबंधित निर्णय लिया जाएगा। नोएडा में यह एकमात्र सरकारी कोविड अस्पताल है। जहां मरीजों का इलाज भी चल रहा है। शासन की ओर से आई टीम ने सभी चिकित्सकीय सुविधाओं की जानकारी ली।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Clinic sealed for negligence in treatment