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अवैध निर्माण रूकवाने गई पुलिस टीम पर हमला

अवैध निर्माण रूकवाने गई पुलिस टीम पर हमला

1 / 2- महिला थाने की इंस्पेक्टर समेत नौ पुलिसकर्मी घायल

अवैध निर्माण रूकवाने गई पुलिस टीम पर हमला

2 / 2- महिला थाने की इंस्पेक्टर समेत नौ पुलिसकर्मी घायल

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हाजीपुर गांव में बुधवार दोपहर अवैध निर्माण रुकवाने गई पुलिस टीम पर लोगों ने हमला कर पत्थरबाजी कर दी। इसमें महिला थाने की प्रभारी समेत नौ पुलिसकर्मी जख्मी हो गए और पीसीआर के शीशे टूट गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मौके से दो महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस ने इस मामले में 50 से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

हाजीपुर गांव में 6820 वर्ग मीटर की भूमि पर कई वर्षों से उत्तम सिंह और विनय गुप्ता में विवाद चल रहा है। जमीन का मालिकाना हक हासिल करने को लेकर दोनों पक्षों ने जिला प्रशासन से लेकर हाईकोर्ट तक दरवाजा खटखटाया था। एसडीएम दादरी ने किसी पक्ष का दावा पुख्ता नहीं होने के कारण पुलिस को इस जमीन की कुर्की करने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा था। कुछ दिन पहले डीएम ने पुलिस को कुर्की आदेश का पालन कराने के आदेश दिए थे। पुलिस को सूचना मिली कि उत्तम सिंह विवादित जमीन पर अवैध निर्माण करा रहा है। इस पर महिला थाने की प्रभारी अंजू तेवतिया, सेक्टर-39 के एसएसआई राम संजीवन, कोतवाली सेक्टर-20 सहित क्यूआरटी की टीम एक बजे हाजीपुर गांव में अवैध निर्माण रुकवाने पहुंची। इस विवादित जमीन से सटा हुआ ही उत्तम सिंह का छह मंजिला घर है। इस घर में उत्तम सिंह का परिवार और किराएदार रहते हैं। पुलिस टीम जब पहुंची तो छह मंजिला इमारत से लोग पुलिस पर पथराव करने लगे। एक युवक ने पुलिस टीम के ऊपर छठवीं मंजिल से लोहे का कूलर फेंक दिया। काफी देर तक पत्थरबाजी होती रही। जब भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंता तो मौके से उत्तम सिंह, उसकी पत्नी सुमन, बेटी प्रमोदा और दो किराएदार सुंदर व जीवन को दबोच लिया गया।

हमलावार पहले से तैयार थे

पुलिस टीम पर जिस तरह से हमला किया गया। उससे आशंका जताई जा रही है कि इसकी तैयारी लोगों ने पहले से कर रखी थी। इसके लिए छत पर ईंट-पत्थर पहले से रखे गए थे।

जान बचाने के लिए भागना पड़ा

इस पथराव से बचने के लिए पुलिस टीम को पहले भागना पड़ा। पथराव से बचने के लिए महिला सिपाहियों को दुकानों में छिपना पड़ा। जब भारी संख्या में पुलिस बल पहुंची तब महिला सिपाहियों को बाहर निकाला गया।

बिना तैयारी के पहुंची पुलिस

पुलिस ने अवैध निर्माण रुकवाने से पहले से तैयारी नहीं की थी। अगर पुलिस कर्मचारी तैयारी करके मौके पर जाते तो इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।

पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकीं

अवैध जमीन को कब्जा मुक्त कराने गई पुलिस टीम पर हमला करने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं। हाजीपुर, बरौला, सदरपुर, छलेरा, गए़ी चौखंडी, सर्फाबाद, सोरखा में पुलिस पर पथराव किया गया है।

पथराव में घायल पुलिसकर्मी

महिला थाने की प्रभारी निरीक्षक अंजु तेवतिया, कोतवाली सेक्टर-39 के एसएसआई राम संजीवन और सिपाही मीनाक्षी, संघमित्रा, अरुणा, दीपा, नीता, प्रवेश, रानी।

पुलिस पर हमला करने वाले सभी लोगों को पहचाना जा रहा है। सभी को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। इसके लिए पुलिस की टीम कई स्थानों पर दबिश दे रही है।

-डॉ. अजयपाल, एसएसपी

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  • Web Title:Attack on police team stopped illegal construction