हाईकोर्ट ने रजिस्ट्री पर निर्णय लेने का आदेश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) को ग्रीनबे गोल्फ विलेज प्रोजेक्ट में भूखंड रजिस्ट्री की अनुमति देने का निर्णय 15 अप्रैल तक लेने का निर्देश दिया है। बिल्डर प्रबंधन का कहना है कि पहले से जमा की गई राशि के बावजूद रजिस्ट्री की अनुमति नहीं मिल रही है, जिससे खरीदारों को घर नहीं मिल पा रहे हैं।

ग्रेटर नोएडा, रूपल राठी। इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) को निर्देश दिए हैं कि वह ग्रीनबे गोल्फ विलेज प्रोजेक्ट में भूखंड रजिस्ट्री की अनुमति देने के संबंध में 15 अप्रैल तक निर्णय ले। बिल्डर प्रबंधन का कहना है कि अमिताभ कांत कमेटी के तहत दूसरी बार बकाया धनराशि जमा करने के बाद उनको प्राधिकरण से रजिस्ट्री शुरू करने की अनुमति नहीं मिल रही है, जिस खरीदारों को उनके घर नहीं मिल पा रहे हैं। यमुना एक्स्प्रेसवे पर सेक्टर-22डी में ग्रीनबे गोल्फ विलेज एक टाउनशिप है, जिसमें 691 भूखंड और दो ग्रुप हॉऊसिंग प्रोजेक्ट विकसित किए जा रहे है।
परियोजना को ओसी प्राप्त हो चुकी है, लेकिन परियोजना पर बकाया होने के कारण रजिस्ट्री बाधित है। ग्रीनबे गोल्फ विलेज के प्रोजेक्ट निदेशक अमित शर्मा ने बताया कि अमिताभ कांत कमेटी के तहत प्राधिकरण के लगभग 440 करोड़ के बकाये के मुकाबले लगभग 161 करोड़ रुपये जमा कराए जा चुके हैं। जमा रकम के मुकाबले परियोजना में लगभग 175 भूखंडों की रजिस्ट्री की अनुमति मिलनी चाहिए। पहली बार में प्रोमोटर द्वारा लगभग 95 करोड़ जमा कराने के बाद 96 भूखंडों की रजिस्ट्री खोली गई थी, लेकिन पुनः 66 करोड़ जमा किए जाने के बाद रजिस्ट्री की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण द्वारा शासनादेश का पालन न करने से एक तरफ खरीदारों की रजिस्ट्री रोकने जा रही है और दूसरी तरफ सरकार को स्टांप और रजिस्ट्रेशन शुल्क न मिलने से राजस्व का नुकसान भी हो रहा है। वहीं, 24 मार्च 2026 को जारी आदेश में उच्च न्यायालय द्वारा यीडा को इस विषय पर 15 अप्रैल 2026 के पहले विधिसम्मत निर्णय लेने के निर्देश दिए गए हैं। उच्च न्यायालय के आदेशानुसार रजिस्ट्री खोलने के लिए प्रार्थना पत्र दे दिया है आशा है कि रजिस्ट्री शुरू होने के बाद खरीदारों को उनके घर मिल सकेंगे।इस मामले में यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा। इसे लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
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