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डिजिटल अरेस्ट कर 35 लाख रुपये हड़पे

नोएडा, वरिष्ठ संवाददाता। साइबर जालसाजों ने पार्सल में ड्रग्स समेत अन्य आपत्तिजनक सामान होने...

डिजिटल अरेस्ट कर 35 लाख रुपये हड़पे
हिन्दुस्तान टीम,नोएडाFri, 24 May 2024 09:45 PM
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नोएडा, वरिष्ठ संवाददाता। साइबर जालसाजों ने पार्सल में ड्रग्स समेत अन्य आपत्तिजनक सामान होने का डर दिखाकर एक व्यक्ति को 25 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट कर 35 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में की है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-31 निवासी हेमंत छावड़ा ने पुलिस को बताया कि एक मई को उनके पास अनजान नंबर से कॉल आई। कॉलर ने खुद को फेडेक्स कंपनी का कर्मचारी बताते हुए उनको जानकारी दी कि उनके नाम से, जो पार्सल भेजा गया था, उसे मुंबई के एक्साइज विभाग ने जब्त कर दिया है। पार्सल में ड्रग्स, पासपोर्ट, कपड़े और क्रेडिट कार्ड समेत अन्य सामान होने की जानकारी भी कथित फेडेक्स कंपनी के कर्मचारी की ओर से दी गई। हेमंत ने जब उससे पूछा कि यह कैसे हुआ तो उसने कॉल को मुंबई में अंधेरी पूर्व स्थित सीबीआई की शाखा के अधिकारी के पास ट्रांसफर करने का नाटक किया। उस कथित अधिकारी ने बताया कि उनके आधार नंबर का दुरुपयोग किया गया है। साथ ही, कहा कि यह मामला आतंकवादी गतिविधियों और मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ा है। उसने बताया कि इस तरह के मामले में वर्तमान में एक पार्टी के नेता मोहम्मद इस्लाम मलिक जेल में हैं। बताया कि यह पार्सल मुंबई से ताइवान भेजा जा रहा था। हेमंत को जेल जाने का डर दिखाकर जालसाजों ने स्काइप वीडियो कॉल के जरिये करीब 25 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा। इस दौरान हेमंत को न को कॉल डिस्कनेक्ट करने दी गई और न ही किसी से संपर्क करने का मौका दिया गया। उनसे कहा गया कि अगर जांच के बारे में किसी को बताया तो खतरा हो सकता है। कॉल करने वालों ने कहा कि वह उनको निर्दोष साबित करने में जुटे हैं। अगर वह सहयोग नहीं करेंगे तो घर पर पुलिस भेजकर गिरफ्तार करा लेंगे। जालसाजों ने उन्हें डराकर दो बार में 35 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। जब हेमंत से और रुपये की मांग की जाने लगी तो उन्हें ठगी की आशंका हुई। रुपये वापस मांगने पर जालसाजों ने पीड़ित से संपर्क तोड़ दिया।

14 लाख रुपये फ्रीज किए

ठगी होने के बाद हेमंत ने मामले की ऑनलाइन शिकायत की। इसका फायदा यह हुआ कि ठगी की 35 लाख रुपये की राशि में से 14 लाख 45 लाख रुपये की रकम संबंधित बैंक द्वारा फ्रीज करा दी गई। 20.55 लाख रुपये अब भी साइबर अपराधियों के पास हैं। जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, पुलिस उन खातों की जानकारी जुटा रही है।

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