नोएडा ही नहीं, 10 राज्यों में हिंसा-बवाल की थी साजिश, 'दुपट्टे' वाला क्या खुलासा
नोएडा में हुए श्रमिकों के आंदोलन के पीछे एक बड़ी साजिश रची गई थी। हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत 10 राज्यों में हिंसा फैलाने की साजिश थी। लड़कियों को इसके लिए खास ट्रेनिंग भी दी गई थी, जिसमें उन्हें अपने दुपट्टे का इस्तेमाल करना था।

श्रमिक आंदोलन के दौरान हुई हिंसा मामले की जांच में नए खुलासे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, कई संगठनों ने मिलकर दस राज्यों में अगले चार वर्षों में इसी प्रकार के हिंसक प्रदर्शन का खाका तैयार किया था। इसकी शुरुआत हरियाणा और यूपी से हुई। इसके बाद मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, छत्तीसगढ़, असम और त्रिपुरा तक इसे पहुंचाने की साजिश थी।
सूत्रों ने बताया कि संगठनों का प्रयोग जब हरियाणा में सफल हो गया तो उन्होंने यूपी का रुख किया। इसके लिए नोएडा को चुना, ताकि शहर का औद्योगिक विकास प्रभावित हो और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाया जा सके। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों की तस्वीरें सीसीटीवी कैमरों में कैद न हो, इसके लिए महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया था। उनका काम था कि सीसीटीवी कैमरे के ऊपर दुपट्टा या कोई कपड़ा डालना।
पुलिस को ऐसी कई फुटेज और वीडियो मिली हैं, जिसमें महिलाएं कैमरे के ऊपर कपड़ा डाल रही हैं। पुलिस को एक ऑडियो और मैसेज भी मिला है, जिसमें कहा जा रहा है कि 10 हजार में छह राउंड गोली चलानी है, कहां भेजना है। दावा है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा में विरोध-प्रदर्शन के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश को बदनाम करने की साजिश थी, ताकि यहां निवेश प्रभावित हो।
वहीं, हिंसक प्रदर्शन के दौरान जितने भी मुकदमे दर्ज हुए, उसके लिए जिला पुलिस की ओर से एक एसआईटी गठित की गई है। इसमें एडिशनल डीसीपी स्तर के अधिकारी समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं। चिह्नित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए स्वॉट, सीआरटी समेत छह टीमें दबिश दे रही हैं।
युवतियों से किए सवाल किए
आरोपी रूपेश राय के कोर ग्रुप की सदस्य मनीषा, आकृति और सृष्टि गुप्ता को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लाकर पुलिस ने पूछताछ शुरू की। प्रदर्शन में युवतियों की भूमिका समेत अन्य पहलुओं पर सवाल किए गए। युवतियों के आदित्य आनंद से संबंध पर भी जानकारी जुटाई। यह भी पता चला है कि मजदूर बिगुल संगठन श्रमिकों को भड़काने के लिए अपने ऑनलाइन पोर्टल और वेबसाइट का इस्तेमाल करता था। आदित्य आनंद की पुलिस कस्टडी रिमांड पर 24 अप्रैल को सुनवाई होगी।
दिल्ली में 24 अप्रैल को धरने का ऐलान
श्रमिकों के आंदोलन के मामले में हुई कार्रवाई के खिलाफ सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) ने नाराजगी जताई है। संगठन ने अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन में शिकायत करने और 24 अप्रैल को दिल्ली के जंतर-मंतर में संयुक्त धरना देने का ऐलान किया है।
हल्द्वानी में भी उपद्रव की कोशिश थी
नैनीताल जिले के एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि मोटाहल्दू, लालकुआं स्थित फैक्टरी के श्रमिकों की आड़ में कुछ लोग बड़ा हिंसा कराना चाहते थे। इनके तार नेपाल और नोएडा में हुई हिंसा के आरोपियों से जुड़े थे। श्रमिकों को भड़काकर नैनीताल जिले का माहौल खराब करने की योजना थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते उपद्रव होने से बचा लिया।
संवेदनशील डाटा के लिए गूगल से संपर्क किया
आरोपियों से बरामद मोबाइल और लैपटॉप की जांच जारी है। कुछ संवेदनशील डाटा के लिए जिला पुलिस ने गूगल से संपर्क किया है। जवाब आने के बाद जांच में कई और तथ्य सामने आएंगे। इससे पहले एक्स ने पुष्टि की थी कि जिन दो अकाउंट से अफवाह फैलाई गई उसका संचालन पाकिस्तान से हो रहा था।
रिपोर्ट-रवि प्रकाश सिंह रैकवार
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Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
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