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नोएडा में 10 हजार फ्लैटों की रजिस्ट्री से रोक हटेगी, छोटे प्लॉटों की योजना में आसानी से होगा आवेदन

नोएडा में 10 हजार फ्लैटों की रजिस्ट्री से रोक हटेगी, छोटे प्लॉटों की योजना में आसानी से होगा आवेदन

संक्षेप:

नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में स्पोर्ट्स सिटी के भूखंड-150 एससी 02 परियोजना पर लगी रोक हटाने का प्रस्ताव शनिवार को मंजूर कर लिया गया। रोक हटने से बिल्डर नक्शे पास करा सकेंगे। इससे 10 हजार फ्लैट की रजिस्ट्री की उम्मीद जग गई है।

Jan 04, 2026 05:46 am ISTPraveen Sharma हिन्दुस्तान, नोएडा
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नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में स्पोर्ट्स सिटी के भूखंड-150 एससी 02 परियोजना पर लगी रोक हटाने का प्रस्ताव शनिवार को मंजूर कर लिया गया। रोक हटने से बिल्डर नक्शे पास करा सकेंगे। इससे 10 हजार फ्लैट की रजिस्ट्री की उम्मीद जग गई है।

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बोर्ड बैठक में एक परियोजना को सशर्त अधिभोग प्रमाणपत्र जारी करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके बाद परियोजना के छह टावर (ए-1, ए-2, बी-1, बी-2 , बी-3 व सी-1) गोदरेज ब्रिक राइस के लिए अधिभोग प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद प्राधिकरण ने यह फैसला लिया। प्राधिकरण ने बिल्डर पर निर्माण, सुरक्षा, खेल गतिविधियों, एनजीटी के नियम समेत 20 से ज्यादा शर्तें लगाई हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगर बिल्डरों ने खेल सुविधाएं विकसित कीं और बकाया राशि दी तो परियोजना का काम आगे बढ़ सकेगा।

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जिस भूखंड से बोर्ड ने रोक हटाई, वह लोटस ग्रीन बिल्डर को आवंटित थी। बिल्डर ने खेल सुविधाएं विकसित किए बिना भखंड के टुकड़े कर 24 बिल्डरों को बेचा। 2021 में प्रधिकरण ने स्पोर्ट्स सिटी की सेक्टर-78, 79, 150, 152 के प्रोजेक्ट के कामकाज को मंजूरी देने पर रोक लगा दी।

छोटे भूखंडों की योजना में आसानी से आवेदन होगा

नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में शनिवार को जिले के तीनों प्राधिकरणों की एक समान नीति (यूनिफाइड पॉलिसी) में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे 800 वर्गमीटर तक के भूखंडों और दुकानों की योजना में आवेदन करना आसान हो जाएगा। दादा-दादी, नाना-नानी से मिलने वाली संपत्तियों पर ट्रांसफर शुल्क भी नहीं देना होगा।

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अवस्थापना और औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में नोएडा प्राधिकरण की 221वीं बोर्ड बैठक हुई। इसमें प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम, यमुना विकास प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह, एसीईओ ग्रेटर नोएडा सुनिल कुमार सिंह मौजूद रहे। बैठक में 19 प्रस्तावों पर चर्चा की गई, जिसमें आठ को अनुमोदित किया गया। अधिकांश मामले शासन को भेजे गए।

तीनों प्राधिकरणों की एक समान नीति में संशोधन को मंजूरी

तीनों प्राधिकरणों में संपत्तियों के आवंटन प्रक्रिया में एकरूपता के लिए फरवरी 2025 में एक समान नीति लागू की गई थी। इसके बाद कई नियमों की जटिलता से परेशानी आने लगी। पिछले साल अक्टूबर में हुई बोर्ड बैठक में इस विषय को रखा गया। बोर्ड ने अध्ययन के बाद प्रस्ताव मांगा था, जिसको मंजूरी मिल गई। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि सभी वाणिज्यिक संपत्तियों के आवंटन के लिए नियम एक कर दिए गए। ऐसे में 800 वर्ग मीटर से छोटे भूखंडों और दुकानों के लिए आवेदन करने में आयकर रिटर्न, पूंजी, लेनदेन का ब्योरा अनिवार्य कर दिया गया। इससे कारोबार शुरू करने वाले नए लोगों को दिक्कत आने लगी। इसे देखते हुए प्राधिकरण ने छोटे भूखंडों और दुकानों की योजना में आवेदन करने की यह बाध्यता हटाने का निर्णय लिया है।

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नए संशोधनों के साथ प्राधिकरण जल्द ही दुकानों और छोटे भूखंडों की योजना लाएगा। बोर्ड बैठक में बताया गया कि अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों का 57 परियोजनाओं में से 36 ने अबतक लाभ लिया है।

सिटी लॉजिस्टिक के लिए योजना बनेगी

नोएडा में सिटी लॉजिस्टिक विकसित करने और ट्रकों के बिना जाम में फंसे कंपनियों तक आसानी से पहुंचने के लिए योजना बनाई जाएगी। इसके लिए एसपीए ( स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्ट) नई दिल्ली और आईआईटी, रुड़की ने प्रस्तुतिकरण दिया। इसके आधार पर एक कंपनी का चयन करने को कहा गया है।

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

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प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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