CM योगी से मिलना चाहते हैं इंजीनियर युवराज के पिता, इस बात से दिखे संतुष्ट

Jan 20, 2026 06:42 pm ISTUtkarsh Gaharwar लाइव हिन्दुस्तान, नोएडा
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ताजा अपडेट के अनुसार नोएडा पुलिस ने मंगलवार को रियल एस्टेट फर्म 'MZ विजटाउन प्लानर्स' के सीईओ अभय सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) की सक्रियता के बाद हुई है।

CM योगी से मिलना चाहते हैं इंजीनियर युवराज के पिता, इस बात से दिखे संतुष्ट

नोएडा सेक्टर 150 में खाली जमीन पर बने उस मौत के गड्ढे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। सबसे ज्यादा दुख उस पिता को है जो अपने बेटे को सामने मरता देखता रहा पर कुछ न कर सका। साथ आया बचाव दल ठंडा पानी और सरिया का बहाना बनाकर बचाने नहीं उतर पाया और 27 साल के नौजवान की मौत हो गई। हादसे के 4 दिन बाद आज पिता ने योगी सरकार की ओर से लिए त्वरित ऐक्शन की सराहना करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने की इच्छा जताई है।

मृतक युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता ने कहा कि सरकार की ओर से की गई त्वरित कार्रवाई और एसआईटी (SIT) टीम के गठन से मुझे राहत मिली है। मुझे विश्वास है कि मेरे बेटे की आत्मा को न्याय मिलेगा। ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए घटनास्थल पर सुरक्षा के उचित इंतजाम भी किए गए हैं। हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि हम एक बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मिलना चाहते हैं। इससे हमारे मन को शांति मिलेगी। सरकार की ओर से हमें आश्वासन मिला है कि हमें सही दिशा में पूरा सहयोग मिलेगा।

बता दें कि ताजा अपडेट के अनुसार नोएडा पुलिस ने मंगलवार को रियल एस्टेट फर्म 'MZ विजटाउन प्लानर्स' के सीईओ अभय सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच टीम (SIT) की सक्रियता के बाद हुई है। एसआईटी के प्रमुख भानु भास्कर ने अपनी टीम के साथ घटनास्थल का दौरा किया और वहां की स्थिति का जायजा लिया। एसआईटी प्रमुख ने स्पष्ट किया है कि वे अगले पांच दिनों के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंप देंगे।

ANI से बात करते हुए, पीड़ित के पिता राजकुमार मेहता ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा, "मेरा बेटा खुद को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा था। वह मदद के लिए चिल्ला रहा था, लोगों से गुहार लगा रहा था, लेकिन भीड़ में मौजूद ज्यादातर लोग सिर्फ तमाशा देख रहे थे। कुछ लोग वीडियो बना रहे थे।" उन्होंने बताया कि उनका बेटा 2 घंटे तक अपनी जान बचाने के लिए जूझता रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी उसे बचाने में नाकाम रहे। उनके पास कोई गोताखोर (divers) मौजूद नहीं थे। उन्होंने इस पूरी घटना में प्रशासन की भारी लापरवाही की बात कही है। राजकुमार मेहता ने मांग की है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

Utkarsh Gaharwar

लेखक के बारे में

Utkarsh Gaharwar
एमिटी और बेनेट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता के गुर सीखने के बाद अमर उजाला से करियर की शुरुआत हुई। अमर उजाला में बतौर एंकर सेवाएं देने के बाद 3 साल नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम किया। वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हूं। एंकरिंग और लेखन के अलावा मिमिक्री और थोड़ा बहुत गायन भी कर लेता हूं। और पढ़ें