
नोएडा में इंजीनियर की मौत: रस्सी बांधी और कूद गया... डिलीवरी ब्वॉय ने बताया आखिर हुआ क्या था
डिलीवरी एजेंट के मुताबिक कम से कम 30 से 40 मिनट पानी के अंदर युवक को ढूंढा लेकिन वह नहीं मिल सका। हादसे वाली जगह को लेकर मोनिंदर ने बताया कि वह मोड़ इतना खतरनाक है कि अगर कोई अनजान शख्स कोहरे में उस तरफ जाए, तो उसके गड्ढे में गिरने की 101% संभावना है।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में 20 फुट से ज्यादा गहरे पानी से भरे गड्ढे में एक कार के गिरने से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत ने कई सवाल खड़े किए हैं। इस बीच एक डिलीवरी एजेंट की बहादुरी की भी चर्चा हो रही है। डिलीवरी एजेंट का नाम मोहिंदर है और उन्होंने खुद न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में उस रात क्या-क्या हुआ था इसकी जानकारी दी है।
मोहिंदर ने बताया कि 'ये घटना उस दिन रात को 12 बजे की है लेकिन मैं 1 बजकर 40 मिनट पर ऑर्डर लेकर जा रहा था। मैंने जाकर देखा कि वहां पर बहुत भीड़ लगी हुई थी और भीड़ को देखकर मैं समझ गया था कि आज धुंध ज्यादा है कोई न कोई गड्ढे में गिरा है क्योंकि ऐसा ही एक केस 15 दिन पहले मेरे सामने हुआ था और उस ड्राइवर को भी मैंने ही बचाया था।'
सड़क पर करीब 100 लोग खड़े थे
उन्होंने आगे कहा 'फिर मुझे किसी ने बताया कि करीब 12 बजे एक लड़का अपनी कार के साथ पानी में गिर गया था। मैंने देखा कि सरकारी कर्मचारी काफी घबराए हुए थे... तब मैंने उनसे पूछा कि क्या मैं अंदर जा सकता हूं। उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या मुझे तैरना आता है। मैंने हां कहा और तुरंत अपने कपड़े उतारे, कमर में रस्सी बांधी और सीधे पानी में कूद गया। इस दौरान सड़क पर करीब 100 लोग खड़े थे, मैं इतना अंदर चला गया कि वहां से मुझे एक भी आदमी दिखाई नहीं दे रहा था। वे दूर से टॉर्च के इशारों से मुझे बता रहे थे कि मुझे कार किस तरफ ढूंढनी चाहिए।'

सिर्फ 10 मिनट पहले ही लड़का डूबा था
मोनिंदर ने आगे बताया 'मेरे पहुंचने से सिर्फ 10 मिनट पहले ही लड़का डूबा था जबकि इससे पहले वह डेढ़ घंटे तक फंसा रहा और लगातार मदद की गुहार लगा रहा था। गिरने के बाद उसने अपने पिता को भी फोन किया और कहा, 'मैं एक गड्ढे में गिर गया हूं, कृपया मुझे बचा लीजिए।' पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन ज्यादात्तर पुलिसकर्मी बुजुर्ग थे, शायद 50 की उम्र से ज्यादा। युवा पुलिसकर्मी खुद पानी में नहीं उतरे क्योंकि उन्हें तैरना नहीं आता था। उन्होंने तुरंत दमकल विभाग को बुलाया जो कि 20 मिनट में ही घटना स्थल पर पहुंच गई थी।'
डिलीवरी एजेंट के मुताबिक कम से कम 30 से 40 मिनट पानी के अंदर युवक को ढूंढा लेकिन वह नहीं मिल सका। हादसे वाली जगह को लेकर मोनिंदर ने बताया कि वह मोड़ इतना खतरनाक है कि अगर कोई अनजान शख्स कोहरे में उस तरफ जाए, तो उसके गड्ढे में गिरने की 101% संभावना है।
घर लौट रहे थे युवराज
आपको बता दें कि इंजीनियर की कार एक निर्माणाधीन इमारत के बेसमेंट के लिए खोदे गए पानी से भरे करीब 20 फुट गहरे गड्ढे में गिर गई थी। इसके बाद वे डूबने से पहले कार की छत पर 90 मिनट तक रहे रहे लेकिन कोई भी कोशिश उनकी जान नहीं बचा सकी। वे शुक्रवार देर रात मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा कार से नोएडा सेक्टर 150 में टाटा यूरेका पार्क स्थित अपने घर लौट रहे थे।





