नोएडा में हिंसा करने वाले 300 दंगाई गिरफ्तार; वेतन वाले बवाल में अब 'पाकिस्तानी लिंक' की जांच
नोएडा में सैलरी बढ़ाने को लेकर शुरू हुआ मजदूरों और कर्मचारियों का प्रदर्शन धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि लोगों को काबू करना मु्शिकल हो गया। जगब-जगह पथराव और आगजनी की घटनाओं से हड़कंप मच गया और आम लोगों को काफी परेशानी हुई।
नोएडा में सैलरी बढ़ाने को लेकर शुरू हुआ मजदूरों और कर्मचारियों का प्रदर्शन धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि लोगों को काबू करना मु्शिकल हो गया। जगब-जगह पथराव और आगजनी की घटनाओं से हड़कंप मच गया और आम लोगों को काफी परेशानी हुई। जानकारी के मुताबिक सोमवार को करीब 80 जगहों रक 40 हजार से ज्यादा फैक्ट्री कर्मचारी सुरक्षाबलों के साथ भिड़ गए। इस दौरान कई सड़कों को भी जाम कर दिया गया जिससे ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई। आज यानी मंगलवार को भी नोएडा के कई इलाकों में पथराव और प्रदर्शन की खबर सामने आ रही है।
300 गिरफ्तार
इससे पहले सोमवार को फेज-2 और सेक्टर 63 जैसे इलाकों में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। उग्र भीड़ ने गाड़ियों में आग लगा दी और पथराव किया। हिंसा और तोड़फोड़ के बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और भारी सुरक्षा बल तैनात करना पड़ा। न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में अब तक 300 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 100 से अधिक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। इस अशांति में एक नया मोड़ तब आया जब प्रशासन ने इसमें बाहरी तत्वों और 'पाकिस्तान लिंक' की जांच शुरू कर दी। श्रम मंत्री अनिल राजभर ने संकेत दिया कि हाल ही में हुई आतंकी गिरफ्तारियों के मद्देनजर हिंसा भड़काने के पीछे विदेशी साजिश की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि अभी तक कुल 7 FIR दर्ज हुई हैं। 2 एक्स हैंडल पर भी भ्रामक खबर फैलाने पर मुकदमा हुआ है। कल रात DGP ने नोएडा के हर थानेदार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बात करके स्थितियों को समझा है।
पुलिस ने कहा, सोमवार को नोएडा में 83 स्थानों पर लगभग 42 हजार श्रमिक अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे थे। इसमें मात्र दो स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन होने के कारण बल प्रयोग किया गया।
उन्होंने कहा कि बाकी स्थानों पर संयम का परिचय देते हुए बातचीत की गई और बातचीत के बाद कुछ मजदूर वापस चले गए। पुलिस ने कहा कि श्रमिकों के जाने के बाद सीमावर्ती जिलों से कुछ लोग समूह में आए और माहौल को उत्तेजित और हिंसक बनाने की कोशिश की। इस समूह में से कुछ लोग हमारी गिरफ्त में आए हैं और कुछ लोगों की सीसीटीवी के जरिए पहचान करके उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों का क्या आरोप?
प्रदर्शनकारियों का मुख्य आरोप वेतन में भारी असमानता को लेकर था। मजदूरों का कहना है कि समान कार्य परिस्थितियों के बावजूद उन्हें हरियाणा के मुकाबले कम वेतन मिल रहा है। कई मजदूरों ने शिकायत की कि वे 12 घंटे की शिफ्ट करते हैं, लेकिन उन्हें केवल 11,000 से 15,000 रुपए ही मिलते हैं। साथ ही, कंपनियों पर केंद्र सरकार के न्यूनतम वेतन नियमों का उल्लंघन करने और डबल शिफ्ट कराकर सिंगल शिफ्ट का भुगतान करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए। मजदूरों की मांग है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए उनका वेतन कम से कम 20,000 से 25,000 रुपए किया जाए।
सरकार ने बढ़ाई मजदूरी
राज्य सरकार ने सभी श्रेणियों के मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी बढ़ा दी है और संशोधित दरें एक अप्रैल से प्रभावी मानी जाएंगी। गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा, मजदूरी में उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने वृद्धि की है। इस फैसले को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कल देर रात मंजूरी दे दी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद में अकुशल श्रमिकों को अब 11,313 रुपए प्रति माह के बजाय 13,690 रुपए प्रति माह मिलेंगे, जबकि अर्ध-कुशल श्रमिकों को 15,059 रुपए और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपए न्यूनतम मजदूरी दी जाएगी।
अन्य नगर निगम क्षेत्रों में संशोधित मासिक वेतन अकुशल श्रमिकों के लिए 13,006 रुपये, अर्धकुशल श्रमिकों के लिए 14,306 रुपये और कुशल श्रमिकों के लिए 16,025 रुपये तय किया गया है। शेष जिलों में अकुशल श्रमिकों को 12,356 रुपये प्रतिमाह, अर्धकुशल श्रमिकों को 13,591 रुपये और कुशल श्रमिकों को 15,224 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।
लेखक के बारे में
Aditi Sharmaअदिति शर्मा
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