
नोएडा पुलिस ने महिला सुरक्षा के लिए शुरू की नई कवायद, सभी थानों में होगा यह काम
संक्षेप: महिला सुरक्षा के लिए गौतमबुद्ध नगर जिले के थानों में बनी महिला हेल्प डेस्क को महिला सुरक्षा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ 20 सितंबर को इनका वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। इसके लिए सेक्टर-126 थाने में बने महिला सुरक्षा केंद्र को चुना गया है।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए शासन के निर्देश पर गौतमबुद्ध नगर जिले के थानों में बनी महिला हेल्प डेस्क को महिला सुरक्षा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 20 सितंबर को इनका वर्चुअल शुभारंभ करेंगे। इसके लिए सेक्टर-126 थाने में बने महिला सुरक्षा केंद्र को चुना गया है।

नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि यह कवायद अपर पुलिस महानिदेशक, महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी आदेश के अनुपालन में की जा रही है। दुर्गा पूजा से पहले 19 सितंबर तक सभी थानों में महिला सुरक्षा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए थानों में एक अलग कक्ष चिह्नित कर आवश्यक संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य केवल शिकायतें दर्ज करना नहीं होगा, बल्कि महिलाओं को एक ही स्थान पर परामर्श, मार्गदर्शन, सहयोग और संरक्षण जैसी व्यापक सेवाएं उपलब्ध कराना है।
ये केंद्र थाने में आने वाली महिलाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त बनाने के लिए वन-स्टॉप सपोर्ट सिस्टम के रूप में कार्य करेंगे। महिला सुरक्षा केंद्र की संरचना पुलिस चौकियों की तर्ज पर होगी।
पुलिस बल की तैनाती होगी
केंद्र में एक महिला या पुरुष इंस्पेक्टर/सब-इंस्पेक्टर को प्रभारी बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त एक से चार सब-इंस्पेक्टर, चार से 15 हेड कॉन्स्टेबल/कॉन्स्टेबल और एक से दो महिला होमगार्ड की तैनाती की जाएंगी। इन केंद्रों में नियुक्त पुलिस अधिकारी महिला संबंधी अपराधों की विवेचना भी करेंगे। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के तीनों जोन में वर्तमान में 26 थाने हैं। सभी में महिला हेल्प डेस्क कार्यशील हैं।
सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध होंगे
प्रत्येक थाने में महिला सुरक्षा केंद्र के लिए अलग रूम में मेज, कुर्सी, अलमारी, कंप्यूटर, प्रिंटर, स्टेशनरी और रजिस्टर समेत सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही महिलाओं के लिए समुचित शौचालय व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। पूर्व में महिला हेल्प डेस्क के लिए दिए गए संसाधनों को भी इन नए केंद्रों में एकीकृत किया जाएगा। यह पहल महिलाओं और बालिकाओं से संबंधित अपराधों की रोकथाम, पीड़िताओं को त्वरित न्याय दिलाने और उन्हें एक सुरक्षित माहौल प्रदान करने की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगी।





