नोएडा में 'इंटरनेशनल ठगी' का भंडाफोड़: सस्ते OTT के नाम पर 3000 अमेरिकियों से लूटे करोड़ों, 6 गिरफ्तार
नोएडा फेज-1 थाने की पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर खोलकर तीन हजार से अधिक अमेरिकी नागरिकों को सस्ते ओटीटी सब्सक्रिप्शन का लालच देकर करोड़ों रुपये ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है।

नोएडा फेज-1 थाने की पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर खोलकर तीन हजार से अधिक अमेरिकी नागरिकों को सस्ते ओटीटी सब्सक्रिप्शन का लालच देकर करोड़ों रुपये ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगना समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्य नामी ओटीटी प्लैटफार्म को री-रूट करने का दावा करते और ग्राहकों से 100 से 300 डॉलर तक वसूल लेते थे।
एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया कि बुधवार रात टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी, तभी सूचना मिली कि सेक्टर-2 के सी ब्लॉक स्थित एक भवन में अवैध कॉल सेंटर संचालित हो रहा है। इस कार्यालय में अमेरिकी नागरिकों को अवैध रूप से ओटीटी कंपनियों की लाइव स्ट्रीमिंग सेवान चैनल बेचकर अवैध रूप से लाभ कमा रहे हैं। सभी लोग रात के समय काम करते हैं। पुलिस टीम ने भवन के तीसरे तल पर छापेमारी की। मौके पर जाकर देखा तो कुछ लोग हेडफोन लगाकर बात कर रहे थे। पुलिस टीम को देखकर वे चुप हो गए।
मोहसिन खान ने खुद को बताया निदेशक
वहां दिल्ली के जामिया नगर निवासी मोहसिन खान ने पूछताछ करने पर खुद को कंपनी का निदेशक बताया। उसने ही मोहसिन कंसलटेंसी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी खोली है। वह अमेरिकी नागरिकों को डायलर कम्यूनिकेटर नामक सॉफ्टवेयर से कॉल करके संपर्क करते हैं। उन्हें विभिन्न ओटीटी प्लेटफार्म के प्रतिनिधि बताकर इंटरनेट कॉल पर आईपीटीवी के माध्यम से सब्सक्रिप्शन देने के नाम पर 100 से 300 डॉलर तक वसूल लेते हैं। यह करने के लिए उनके पास किसी सरकारी संस्था का लाइसेंस नहीं है। पुलिस टीम ने मोहसिन के अलावा गाजियाबाद के विजय नगर निवासी नौशाद, सुनील, दिल्ली निवासी मोहम्मद समीम, सैफ रजा और गजरौला निवासी इरफान को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से मोबाइल और कंप्यूटर बरामद हुए।
ऐसे चलता था अवैध स्ट्रीमिंग का धंधा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी एक विशेष सॉफ्टवेयर के जरिए ओटीटी प्लेटफॉर्म का कंटेंट एंड्रॉइड डिवाइस पर लाइव स्ट्रीमिंग की तरह दिखाते थे। शुरुआत में वे ग्राहकों को बहुत कम कीमत पर सब्सक्रिप्शन देते थे, लेकिन बाद में सब्सक्रिप्शन बंद कर रिन्यूअल के नाम पर बार-बार रुपये वसूलते थे। हर कनेक्शन को 100 से 300 डॉलर में बेचा जाता था।
सावधानी बरतने की सलाह
पुलिस ने विदेशी भारतीयों और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को डिजिटल भुगतान न करें और ओटीटी जैसी सेवाओं का सब्सक्रिप्शन केवल आधिकारिक वेबसाइटों से ही खरीदें। साइबर फ्रॉड की शिकायत तुरंत साइबर सेल या हेल्पलाइन पर दर्ज कराएं।
सभी आरोपी जेल भेजे गए
एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। गिरोह ग्राहक को विश्वास दिलाता था कि वह भारत में मिलने वाले सस्ते ओटीटी प्लान को विदेश में भी सक्रिय करा सकता है। पहले 100 से 300 डॉलर लेकर प्लान एक्टिव करने का भरोसा दिलाते, फिर बार-बार ‘प्लान एक्सपायर’ और ‘रिचार्ज’ जैसे बहाने बनाकर लगातार रुपये की मांग की जाती थी।


