नोएडा में महिलाओं से अभद्रता, विरोध करने पर कुत्ता छोड़ा; पिस्टल भी तानी

Mar 04, 2026 09:01 am ISTSubodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, हिन्दुस्तान/नोएडा
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नोएडा के बसई गांव में रविवार सुबह दूध लेने जा रही दो महिलाओं से एक युवक ने रास्ते में अभद्रता की। महिलाओं ने जब किया तो उसने उन पर पालतू कुत्ते से हमला करा दिया। महिलाओं ने युवक पर पिस्टल तानने का आरोप लगा फेज-3 थाने में शिकायत की।

नोएडा में महिलाओं से अभद्रता, विरोध करने पर कुत्ता छोड़ा; पिस्टल भी तानी

नोएडा के बसई गांव में रविवार सुबह दूध लेने जा रही दो महिलाओं से एक युवक ने रास्ते में अभद्रता की। महिलाओं ने जब किया तो उसने उन पर पालतू कुत्ते से हमला करा दिया। महिलाओं ने युवक पर पिस्टल तानने का आरोप लगा फेज-3 थाने में शिकायत की। कार्रवाई न होने पर मंगलवार दोपहर बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंचे। पुलिस ने आनन-फानन में केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पीड़िता मंजू ने पुलिस को बताया कि वह सेक्टर-70 स्थित बसई गांव में रहती हैं। वह रविवार सुबह करीब पांच बजे पड़ोस में रहने वाली सुनीता के साथ दूध लेने जा रही थीं। जब वह पहलवान मार्केट के पास पहुंचीं तो अशोक पहलवान के घर से निकले युवक ने उनके साथ अभद्रता शुरू कर दी। विरोध किया तो आरोपी ने जान से मारने की नियत से पालतू कुत्ता छोड़ दिया। कुत्ते ने महिला के कपड़े फाड़ दिए। सुनीता ने मंजू को किसी तरह बचाने का प्रयास किया।

आरोप है कि युवक ने महिलाओं से गाली-गलौज कर सुनीता का मुंह दबा दिया। आरोपी ने उस समय खुद का नाम आजाद बताया और अपहरण करने की धमकी दी। आरोपी ने पिस्टल तानी तो दोनों महिलाएं भागने लगीं। आरोपी ने पिस्टल लेकर करीब 100 मीटर तक पीछा किया। पीड़ित महिलाओं ने आपबीती परिजन को बताई। इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने जब आजाद नामक युवक को बुलाया तो पता चला कि महिलाओं पर हमला करने वाला सन्नी है।

रविवार से लेकर मंगलवार सुबह तक कोई कार्रवाई न होने पर दोपहर में बड़ी संख्या में लोग फेज-3 थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस पर कार्रवाई न करने और एफआईआर दर्ज करने के लिए टरकाने का आरोप लगाया। सेंट्रल नोएडा जोन के एडीसीपी आरके गौतम का कहना है कि महिलाओं पर पिस्टल तानने के आरोप गलत हैं। युवक की महिलाओं से कहासुनी हुई थी। शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।

Subodh Kumar Mishra

लेखक के बारे में

Subodh Kumar Mishra

सुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।

ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।

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