नोएडा सेक्टर-150 में खाली जमीनों का होगा सर्वे, नए सिरे से आवंटन की तैयारी
नोएडा प्राधिकरण सेक्टर-150 में खाली जमीन का आवंटन करने से पहले पूरे क्षेत्र का सर्वे कराएगा। इसमें बिल्डरों को दी गई भूमि, किसानों के कब्जे वाली जमीन और खाली पड़े भूखंडों का रिकॉर्ड तैयार होगा।

नोएडा प्राधिकरण सेक्टर-150 में खाली जमीन के आवंटन से पहले एक विस्तृत सर्वे कराने जा रहा है। इसके तहत बिल्डरों को दी गई जमीन, किसानों के कब्जे वाली भूमि और खाली पड़े प्लाट का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। मुख्य रूप से स्पोर्ट्स सिटी परियोजना से जुड़े इस क्षेत्र में कई जमीनें अब भी किसानों के पास हैं, जिससे विकास कार्य रुके हुए हैं। सीईओ के निर्देश पर होने वाले इस सर्वे की रिपोर्ट के बाद ही नई जमीनों का आवंटन होगा। साथ ही अप्रैल की बोर्ड बैठक में संशोधित मास्टर प्लान पर चर्चा होगी।
खाली जमीन को लेकर होगा सर्वे
अधिकारियों ने बताया कि नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे के पास स्थित सेक्टर-150 में खाली जमीन को लेकर सर्वे होगा। सर्वे में खाली जमीन के अलावा बिल्डरों और अन्य को आवंटित जमीन व किसानों के कब्जे वाली जमीन का भी रिकॉर्ड तैयार होगा। पूरा डाटा तैयार हो जाने के बाद खाली जमीन का आवंटन प्राधिकरण नए सिरे से करेगा।
नहीं हो पा रहा परियोजनाओं का काम
खाली जमीन का सर्वे करने के लिए प्राधिकरण के सीईओ ने निर्देश जारी किए हैं। सेक्टर-150 में मुख्यत: स्पोर्ट्स सिटी परियोजना के अंतर्गत बिल्डरों को जमीन आवंटित की हुई है। इसके आसपास की काफी जमीन प्राधिकरण किसानों से नहीं ले पाया है। उस पर किसानों का कब्जा है। इस वजह से कुछ परियोजनाओं का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा। अब स्पोर्ट्स परियोजना सीबीआई और ईडी की जांच के घेरे में है।
लोगों से मांगी थीं आपत्तियां
दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्राधिकरण ने संशोधित मास्टर ले आउट प्लान को लेकर प्राधिकरण ने लोगों से आपत्तियां मांगी थीं। इस पर 14 आपत्तियां आईं थीं, जिनका निस्तारण कर दिया गया है। अब मास्टर प्लान को मंजूर करने का प्रस्ताव अप्रैल के पहले सप्ताह में होने वाली बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। अब इस सेक्टर में स्पोर्ट्स सिटी परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्राधिकरण ने पूरे सेक्टर का सर्वे कराने का निर्णय लिया है।
नए सिरे से आवंटित करने की तैयारी
अधिकारियों ने बताया कि इसमें पूरे सेक्टर में प्राधिकरण के पास मौजूद जमीन, किसानों से ली गई जमीन, किसानों के कब्जे में जमीन, बिल्डरों को आवंटित जमीन समेत अन्य बिंदुओं पर सर्वे किया जाएगा। पूरी सर्वे रिपोर्ट आने के बाद सेक्टरों को नए सिरे से विकसित किया जाएगा। जो खाली जमीन बची है, उसका नए सिरे से आवंटन होगा। किसानों से बची जमीन लेने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। गौरतलब है कि इस सेक्टर में जमीन को लेकर प्राधिकरण व किसानों के बीच केस न्यायालय में चल रहे हैं।
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