
नोएडा के सेक्टर 51-52 मेट्रो स्टेशन को जोड़ने वाला स्काईवॉक तैयार, आ गई खुलने की तारीख!
नोएडा के सेक्टर 51 (एनएमआरसी) और सेक्टर 52 (डीएमआरसी) मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने वाला 450 मीटर लंबा वातानुकूलित स्काईवॉक का काम लगभग पूरा हो चुका है और टेस्टिंग जारी है, जिसके बाद इसे 15 जनवरी 2026 से यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा।
नोएडा के सेक्टर-51 और 52 मेट्रो स्टेशन को जोड़ने के लिए बन रहे स्काईवॉक का काम एक महीने में पूरा हो जाएगा। यहां लगाए गए ट्रेवलेटर की टेस्टिंग शुरू हो गई है। 15 जनवरी के बाद स्काईवॉक को लोगों के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
स्काईवॉक के लिए ट्रेवलेटर लगाने का काम पूरा कर लिया गया है। अब सिर्फ नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) के सेक्टर-51 स्टेशन से जोड़ने का काम बाकी रह गया है। इसके लिए नोएडा प्राधिकरण ने एनएमआरसी से स्टेशन के इस हिस्से की ड्राइंग मांगी है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि एक सप्ताह के अंदर संबंधित हिस्से को जोड़ने का काम शुरू कर दिया जाएगा। यह काम 15 दिन में पूरा कर लिया जाएगा।
अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरी हो जाएगी। स्काईवॉक से जुड़े बाकी काम भी एक महीने के अंदर पूरे हो जाएंगे। ऐसे में अगले साल 15 जनवरी के बाद इसे कभी भी लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
अभी काफी दिक्कत
स्काईवॉक नहीं बने होने के कारण अभी लोगों को स्टेशनों से नीचे उतरकर पैदल आना-जाना पड़ता है। सड़क किनारे बने फुटपाथ के जरिए लोग आते-जाते हैं। लोगों की सुविधा के लिए फ्री में लगाए गए ई-रिक्शे भी बंद हो चुके हैं।
नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी महेंद्र प्रसाद ने बताया कि स्काईवॉक के बचे काम एक महीने में पूरे कर लिए जाएंगे। इसके बाद जनवरी महीने में ही इसको लोगों के लिए शुरू कर दिया जाएगा।
ये सुविधाएं मिलेंगी
- स्टेशनों से नीचे उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी
यह स्काईवॉक करीब 450 मीटर लंबा और छह मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है। एक तरफ यह स्काईवॉक एनएमआरसी के सेक्टर-51 स्टेशन और दूसरी तरफ डीएमआरसी के सेक्टर-52 स्टेशन से जुड़ेगा। मेट्रो से दिल्ली और नोएडा से ग्रेनो की ओर जाने वालों को इस इंटरचेंज पर स्टेशनों से नीचे उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे स्काईवॉक के जरिए आ-जा सकेंगे।
- गलियारा पूरी तरह वातानुकूलित
लोगों की सहूलियत के लिए यहां पर 10 ट्रेवलेटर भी लगाए गए हैं। यह ट्रेवलेटर करीब 250 मीटर हिस्से में बीच-बीच में लगे हैं। स्काईवॉक का गलियारा पूरी तरह वातानुकूलित होगा। ऐसे में लोगों को ज्यादा पैदल भी नहीं चलना पड़ेगा। गौरतलब है कि इस स्काईवॉक का काम जून 2023 में शुरू हुआ था।





