
नोएडा में तीन रूट पर मेट्रो चलाने की योजना आगे बढ़ी, जल्द तैयार होगा डिजाइन
एनएमआरसी ने अपने तीन प्रस्तावित रूटों (सेक्टर-51 से नॉलेज पार्क-5, डिपो से बोड़ाकी, और सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन) के डिटेल्ड डिजाइन ड्राइंग बनाने के लिए सलाहकार कंपनी का चयन कर लिया है।
नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) के तीनों प्रस्तावित रूट के लिए डिटेल्ड डिजाइन ड्राइंग बनाने का काम दो सप्ताह में शुरू हो जाएगा। इसके लिए एनएमआरसी ने सलाहकार कंपनी आयशा का चयन कर लिया है।
एनएमआरसी के अधिकारियों के मुताबिक कंपनी के दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसके बाद काम अवार्ड किया जाएगा। ये प्रस्तावित रूट सेक्टर-51 से नॉलेज पार्क-5, ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी और सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो तक है। एनएमआरसी कार्यकारी निदेशक महेंद्र प्रसाद ने बताया कि एजेंसी तीनों रूट के सिविल डिजाइन, लागत, विद्युत यांत्रिक और ट्रैक का सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट एनएमआरसी को उपलब्ध करवाएगी। इसके लिए एनएमआरसी करीब 24.21 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। सलाहकार कंपनी पांच साल तक इन तीनों रूट पर काम करेगी। तीनों रूटों की कुल लंबाई 31.595 किलोमीटर है। इसमें सबसे छोड़ा रूट मेट्रो डिपो से बोड़ाकी तक का होगा। इसकी लंबाई महज ढाई किलोमीटर है। वहीं, सबसे बड़ा रूट सेक्टर-51 से लेकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के नॉलेज पार्क-5 तक होगा। इससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों को लाभ होगा।
इन तीनों रूट के लिए डिजाइन बनेगी
1. सेक्टर-51 से नॉलेज पार्क-5: एनएमआरसी मेट्रो का सबसे बड़ा रूट सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट होते हुए नॉलेज पार्क-5 तक है। इसकी दूरी करीब 17 किलोमीटर का है। इस दूरी में 11 मेट्रो स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित हैं। इसकी फाइल केंद्र सरकार के पास है।
2. सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन : सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन तक 11.56 किलोमीटर लंबा है। इस रूट पर आठ मेट्रो स्टेशन बनाए जाने हैं। इसके लिए जल्द ही सहमति पत्र आने की उम्मीद है।
3. ग्रेनो मेट्रो रूट डिपो से बोड़ाकी : ग्रेटर नोएडा स्थित मेट्रो रूट डिपो से बोड़ाकी तक 2.6 किलोमीटर का है। इस रूट पर दो मेट्रो स्टेशन बनाए जाने हैं। केंद्र से मंजूरी मिल चुकी है। इसके लिए मिटटी की जांच की जा रही है।
टोपोग्रॉफिक सर्वे पूरा
सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन और ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी रूट के लिए टोपो ग्राफी सर्वे पूरा किया जा चुका है। इस रिपोर्ट को भी डिटेल डिजाइन में शामिल किया जाएगा।





