
नोएडा में इंटरनेशनल गोल्फ कोर्स की परियोजना लटकी, कहां फंसा पेच?
नोएडा के सेक्टर 151ए में गोल्फ कोर्स का निर्माण फंस गया है। इस गोल्फ कोर्स का काम 30 जून 2022 तक पूरा होना था। फिर 30 जून 2025 तक काम पूरा करने की नई डेड लाइन तय की गई लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। क्या वजह?
नोएडा के सेक्टर-151ए में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल गोल्फ कोर्स का काम जमीन के फेर में फंस गया है। जिस जगह गोल्फ का मैदान बनना है, उस जमीन को प्राधिकरण करीब पांच साल बाद भी किसानों से नहीं ले पाया है। ऐसे में नए गोल्फ कोर्स के लिए लोगों को कम से कम एक वर्ष से अधिक समय का इंतजार करना पड़ेगा। नोएडा प्राधिकरण गोल्फ कोर्स के लिए एक जुलाई 2021 को कंपनी कश्यपी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के साथ अनुबंध किया गया था।
बार-बार बढ़ी डेड लाइन
इस गोल्फ कोर्स का काम 30 जून 2022 तक पूरा होना था। कार्यस्थल पर कई बाधाओं के कारण समय-समय पर सक्षम स्तर से निर्माण कार्य पूरा करने के लिए टाइम एक्सटेंशन दिया गया। साथ ही, 30 जून 2025 तक काम पूरा करने की नई डेड लाइन तय की गई थी। इस तय समय में भी एजेंसी काम पूरा नहीं कर सकी।
41 करोड़ रुपये का काम होना बाकी
इससे पहले एजेंसी को कई बार नोटिस जारी किए गए। नोएडा प्राधिकरण ने एजेंसी को करीब छह महीने पहले ब्लैकलिस्ट कर दिया था। एजेंसी की धरोहर राशि को जब्त किया जा चुका है। अभी तक करीब 64 प्रतिशत ही काम हो सका है। अब करीब 41 करोड़ रुपये का काम होना बाकी है।
अब तक टेंडर जारी नहीं
पुरानी एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करते समय नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने दावा किया था कि अधूरे काम के लिए एक महीने में टेंडर जारी कर दो-तीन महीने में काम शुरू करा दिया जाएगा। इस प्रक्रिया को हुए छह महीने बीत चुके, लेकिन प्राधिकरण अब तक टेंडर जारी नहीं कर सका। इस मामले में नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि प्रशासनिक मंजूरी मिलते ही टेंडर जारी कर दिया जाएगा।
पूरी जमीन लिए बिना ही काम शुरू कराया
नोएडा प्राधिकरण ने परियोजना के लिए पूरी जमीन लेने से पहले ही इसका निर्माण शुरू करा दिया गया। करीब पांच साल बाद भी प्राधिकरण यह जमीन किसानों से नहीं ले सका है।
प्रशासन के जरिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया
प्राधिकरण ने सीधे किसानों से आपसी सहमति के जरिए जमीन लेने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद जिला प्रशासन के जरिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कराई गई है। परियोजना में कामबक्शपुर गांव के किसानों की करीब 2.22 हेक्टेयर जमीन आ रही है। इस जमीन को किसान नहीं दे रहे। अधिकारियों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।

लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
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