नोएडा एयरपोर्ट से अगले माह से उड़ानें, 17 शहरों के लिए फ्लाइट शुरू करने की तैयारी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अगले महीने उड़ान शुरू करने की तैयारी है। इसे लेकर एयरलाइंस कंपनियों के साथ बातचीत की गई। एयरलाइंस कंपनियों ने शुरुआत में 17 शहरों के लिए घरेलू उड़ानें शुरू करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अगले महीने उड़ान शुरू करने की तैयारी है। इसे लेकर एयरलाइंस कंपनियों के साथ बातचीत की गई। एयरलाइंस कंपनियों ने शुरुआत में 17 शहरों के लिए घरेलू उड़ानें शुरू करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है।
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (यापल) की एयरपोर्ट साइट पर मंगलवार को बोर्ड बैठक हुई। इसमें एयरपोर्ट से उड़ान शुरू होने के संबंध में आ रही रुकावट समेत अन्य प्रस्तावों पर चर्चा की गई। मई के अंत तक एयरपोर्ट से घरेलू और कार्गो विमान सेवा शुरू करने का निर्णय लिया गया। तीन एयरलाइंस कंपनियों के पदाधिकारियों से वार्ता की गई। शुरुआत में एयरपोर्ट से 17 फ्लाइट शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया। अब तक उड़ान के लिए शहरों का चयन नहीं हो सका है। एयरपोर्ट का 28 मार्च को प्रधानमंत्री के हाथों शुभारंभ हो चुका है।
एयरपोर्ट परिसर में होटल दिसंबर तक तैयार होगा
एयरपोर्ट परिसर में रोजिएट होटल का निर्माण कार्य जारी है। इसे दिसंबर 2026 तक तैयार कर लिया जाएगा। इसका निर्माण कार्य अंतिम दौर में है। यहां पर फिनिशिंग का काम चल रहा है। बताया जा रहा है कि उड़ान शुरू होने के बाद एयरपोर्ट कर्मचारियों, क्रू मेंबर और एयर होस्टेस समेत यात्रियों को ठहरने के लिए इसमें विशेष इंतजाम होंगे। इसके अलावा वीवीआईपी और वीआईपी के लिए लॉज भी बनेंगे। होटल में खानपान के विशेष इंतजाम भी होंगे।
विमानों के लिए 25 नए स्टैंड बनाए जाएंगे
यापल की बैठक में निर्णय लिया गया कि एयरपोर्ट पर अगले दो वर्षों में विमानों को खड़ा करने के लिए 25 नए स्टैंड बनेंगे। इस पर 300 करोड़ का खर्च आएगा। वर्तमान में 28 स्टैंड तैयार हैं। इनमें तीन कार्गों और 25 व्यावसायिक विमानों के लिए हैं। रनवे से हर दो मिनट में एक विमान उड़ेगा।
एएसपी को मंजूरी दिलाने के प्रयास
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ आरके सिंह ने बताया कि यापल की बोर्ड बैठक में मई के अंत तक एयरपोर्ट से घरेलू और कार्गो उड़ान शुरू करने का निर्णय लिया गया है। गृह मंत्रालय की आपत्तियां दूर करने का काम शुरू हो गया है। इसी माह में एएसपी को मंजूरी दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


