
नोएडा एयरपोर्ट से विमानों की उड़ानें शुरू करने में देरी संभव, DGCA को नहीं मिली सुरक्षा रिपोर्ट
नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो द्वारा सुरक्षा उपकरणों से जुड़ी रिपोर्ट नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को नहीं सौंपे जाने के कारण नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानें शुरू होने में देरी की आशंका है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान में देरी संभव है। इसका कारण नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बकास) की ओर से नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को रिपोर्ट नहीं सौंपना बताया गया है। ऐसे में एयरोड्रम लाइसेंस मिलने में देरी की आशंका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीत शुक्रवार को एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था। समीक्षा बैठक में दो दिसंबर तक डीजीसीए को सुरक्षा उपकरणों जुड़ी रिपोर्ट सौंपने और चार दिसंबर तक एयरोड्रम लाइसेंस जारी होने की बात सामने आई थी, लेकिन अब इसमें थोड़ी देरी होने का अनुमान है। कारण है कि बकास की रिपोर्ट में पिछले दिनों कई आपत्तियां मिली थीं, जो एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम है। इनमें एयरपोर्ट के बाहर सात किलोमीटर क्षेत्रफल की बाउंड्री वॉल, कंक्रीट के 14 वॉच टॉवर, टर्मिनल के चार द्वार संचालित न होना समेत कई बिंदु थे।
अधिकारियों ने अब इन सभी आपत्तियों को दुरुस्त होने का दावा किया है, लेकिन बकास ने सिक्योरिटी क्लीयरेंस पर अपनी रिपोर्ट अब भी डीजीसीए को नहीं भेजी है। इसी रिपोर्ट के आधार पर व्यावसायिक यात्री विमान सेवा शुरू करने के लिए जरूरी एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त होगा। एयरोड्रम लाइसेंस प्राप्त होने के बाद ही एयरपोर्ट से विमान सेवा शुरू करने की तिथि घोषित होगी।
पहले चरण का निर्माण कार्य पूरा
एयरपोर्ट के पहला चरण 1334 हेक्टेयर में पूरा किया गया है। इनमें 3900 मीटर लंबा रनवे, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टॉवर और टर्मिनल बिल्डिंग शामिल है। दावा है कि एयरपोर्ट पर उड़ान से संबंधी सभी जरूरी काम पूरे हो चुके हैं और शेष अन्य कार्यों को तेजी से निपटाया जा रहा है। रनवे के उपकरणों की विमान उतारकर टेस्टिंग की जा चुकी है। वहीं, टर्मिनल बिल्डिंग में यात्री के चेक इन से लेकर बोर्डिंग तक की तैयारियों को परखा जा चुका है।





