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इतनी क्यों जहरीली हो गई नोएडा की हवा? दिल्ली-गुरुग्राम तक पीछे रह गए

इतनी क्यों जहरीली हो गई नोएडा की हवा? दिल्ली-गुरुग्राम तक पीछे रह गए

संक्षेप:

Noida AQI: शनिवार को नोएडा स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही। नोएडा का AQI 455 दर्ज किया गया, जो पूरे देश में सबसे अधिक था। दिल्ली का AQI 431 रहा ग्रेटर नोएडा में AQI 442 और गाजियाबाद में 430 दर्ज किया गया।

Dec 14, 2025 09:52 am ISTUtkarsh Gaharwar लाइव हिन्दुस्तान, नोएडा
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पलूशन दिल्ली-एनसीआर का पीछा छोड़ने को तैयार नहीं है। शनिवार से यह फिर एक बार विकराल रूप ले चुका है। आनन-फानन में दिल्ली की सरकार को ग्रैप-3 और ग्रैप-4 एकसाथ लागू करने पड़ गए। इस जहरीली हवा का प्रकोप दिल्ली के साथ एनसीआर में भी है और नोएडा पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है। नोएडा में आलम यह है कि रविवार यानी आज सूर्यदेव की रोशनी भी फीकी पड़ रही है। एक्यूआई 455 पर पहुंच गया है। इसके बाद दिल्ली, ग्रेटर नोएडा का नंबर आता है। नोएडा में यूं विकराल होते प्रदूषण के पीछे की वजह जान लेते हैं।

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शनिवार को नोएडा स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही। नोएडा का AQI 455 दर्ज किया गया, जो पूरे देश में सबसे अधिक था। दिल्ली का AQI 431 रहा। ग्रेटर नोएडा में AQI 442 और गाजियाबाद में 430 दर्ज किया गया। ये दोनों शहर भी "गंभीर" श्रेणी में रहे। बाकी शहरों के मुकाबले गुरुग्राम की स्थिति थोड़ी बेहतर रही, जहां AQI 322 ("बहुत खराब") दर्ज किया गया।

शुक्रवार के मुकाबले शनिवार को प्रदूषण में भारी बढ़ोतरी देखी गई:

➤गाजियाबाद: 363 से बढ़कर 430 हुआ।

➤नोएडा: 386 से बढ़कर 455 हुआ।

➤ग्रेटर नोएडा: 373 से बढ़कर 442 हुआ।

क्या है वजह?

विशेषज्ञों ने प्रदूषण में इस अचानक आई तेजी का कारण हवा की धीमी गति और प्रतिकूल मौसम संबंधी परिस्थितियों को बताया, जिनके कारण प्रदूषकों का फैलाव रुक गया। स्काईमेट वेदर के जलवायु और मौसम विज्ञान के उपाध्यक्ष महेश पालावत ने कहा, "पिछले कुछ दिनों में, मध्यम गति की हवाओं ने दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता को अस्थायी रूप से सुधारने में मदद की थी। हालांकि, पश्चिमी हिमालय पर आ रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तरी मैदानी इलाकों में हवा की गति कम हो गई।"

उन्होंने बताया कि शुक्रवार और शनिवार के बीच, दिन के समय हवाएं हल्की रहीं और रात के समय वे लगभग शांत रहीं। इस वजह से प्रदूषक जमीन के पास जमा हो गए, और AQI को खतरनाक स्तर तक पहुंचा दिया। NCR में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने शनिवार को एक बैठक की, जिसमें NCR की सरकारों की ओर से क्षेत्र-विशिष्ट प्रवर्तन की स्थिति की समीक्षा की गई। इस बैठक में आश्चर्यजनक रूप से यह पाया गया कि उत्तर प्रदेश के NCR जिलों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया।

एनसीआर शहरों की तारीफ पर एक सलाह भी

CAQM ने कहा, "उत्तर प्रदेश के NCR जिलों ने क्षेत्र में वायु प्रदूषण को कम करने की दिशा में तुलनात्मक रूप से संतोषजनक प्रदर्शन दिखाया। हालांकि, उन्हें विशेष रूप से वाहनों से संबंधित क्षेत्र के लिए प्रतिबद्ध समय-सीमा का पालन करना होगा और उन पर ध्यान केंद्रित करते हुए कार्रवाई करनी होगी।" उत्तर प्रदेश और राजस्थान के NCR जिलों के लिए, डिलीवरी सर्विस और ई-कॉमर्स संस्थाओं के लिए एक वेब पोर्टल विकसित करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर तय की गई है। CAQM ने सभी राज्यों और GNCTD (दिल्ली सरकार) से प्रदूषण को कम करने के लिए AI-आधारित (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-चालित) निगरानी, मॉनिटरिंग और विश्लेषण को अपनाने का भी आग्रह किया। आयोग ने सभी क्षेत्रों में सर्दियों के लिए एकीकृत प्रयास करने पर जोर दिया।

गुरुग्राम ने कहां की चूक?

CAQM ने यह भी कहा कि दिल्ली को विभिन्न हॉटस्पॉट पर ट्रैफिक जाम, सड़क की धूल, नगर निगम के ठोस कचरे (MSW) का निपटान और उसे जलाने जैसी समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटना होगा। आयोग ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह पहचान किए गए हॉटस्पॉट से जाम हटाने के लिए मासिक बैठकें आयोजित करे। CAQM ने यह भी पाया कि हरियाणा के NCR जिलों ने ट्रैफिक जाम हटाने, सड़क की धूल नियंत्रण और MSW प्रबंधन में खराब प्रदर्शन दिखाया है, खासकर गुरुग्राम में।

आगे भी राहत नहीं

गौतम बुद्ध नगर और पड़ोसी गाजियाबाद में भी शनिवार को मौसम की स्थिति प्रदूषकों के फैलाव के लिए प्रतिकूल बनी रही। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में सुबह जल्दी कोहरा या धुंध छाने का अनुमान जताया है। IMD के गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद दोनों के लिए सात दिन के मौसम पूर्वानुमान में संकेत दिया गया है कि कम से कम 18 दिसंबर तक ऐसी ही स्थिति बनी रहेगी, जिसमें ज्यादातर दिन सुबह जल्दी कोहरा या धुंध छाए रहने की संभावना है।

Utkarsh Gaharwar

लेखक के बारे में

Utkarsh Gaharwar
एमिटी और बेनेट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता के गुर सीखने के बाद अमर उजाला से करियर की शुरुआत हुई। अमर उजाला में बतौर एंकर सेवाएं देने के बाद 3 साल नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर काम किया। वर्तमान में लाइव हिंदुस्तान में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हूं। एंकरिंग और लेखन के अलावा मिमिक्री और थोड़ा बहुत गायन भी कर लेता हूं। और पढ़ें
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