Hindi Newsएनसीआर Newsnoida groundwater levels falling by 9 feet in one year know conditions in greater noida
नोएडा में तेजी से गिर रहा भूजल, एक साल के भीतर 9 फीट गिरा; ग्रेनो में कैसे हालात?

नोएडा में तेजी से गिर रहा भूजल, एक साल के भीतर 9 फीट गिरा; ग्रेनो में कैसे हालात?

संक्षेप:

नोएडा में भूजल स्तर तेजी से गिर रहा है और पिछले नौ वर्षों में यह करीब 20 फीट नीचे चला गया है। नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, केवल एक साल में इसमें नौ फीट की भारी गिरावट दर्ज की गई। ग्रेनो में कैसे हालात?

Jan 09, 2026 12:03 pm ISTKrishna Bihari Singh हिन्दुस्तान, आशीष धामा, नोएडा
share Share
Follow Us on

नोएडा में भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। यहां नौ वर्षों में भूजल 6.22 मीटर (20.41 फीट) तक नीचे आया है। पिछले एक वर्ष में भूजल के स्तर में नौ फीट तक गिरावट दर्ज हुई। इसका कारण बारिश के पानी संचय न होना बताया गया है। ग्रेनो के भूजल स्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। जिला प्रशासन की ओर से जारी नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025 में मानसून के पहले नोएडा का भूजल स्तर एक वर्ष में करीब तीन मीटर (नौ फीट) तक तेजी से नीचे गिरा।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

2023 के बाद दूसरी बार सबसे बड़ी गिरावट

बीते वर्ष तेज बारिश और जिले में बने बाढ़ जैसे हालात से मानसून के बाद भूजल के स्तर में मामूली इजाफा हुआ, जो नाकाफी रहा। वर्ष 2023 के बाद यह दूसरी बार सबसे बड़ी गिरावट रही। इससे पहले अधिकतम एक या दो मीटर तक ही भूजल में गिरावट दर्ज होती थी। बीते नौ वर्षों में नोएडा का भूजल स्तर मानसून के पहले 25.78 मीटर (84.54 फीट) पर पहुंचा, जबकि वर्ष 2017 में यह 19.56 मीटर (64.17 फीट) था।

क्यों बिगड़ रहे हालात? नोटिस भेजे जाएंगे

बारिश का पानी न बचाने से हालात बिगड़ रहे हैं। सेक्टर, सोसाइटियों और बिल्डर परियोजनाओं में 95 प्रतिशत जल संचय प्रणाली खराब हैं। हाइड्रोलॉजिस्ट भूगर्भ जल विभाग के विश्वजीत सिंह ने कहा कि नोएडा में बारिश के पानी का संचयन नहीं हो पा रहा। इस कारण भूजल स्तर गिरा। वहीं, भूजल का निर्माण कार्यों में इस्तेमाल करने पर कई बिल्डर परियोजना पर जुर्माना लगाया जाता है। वाटर रिचार्ज न करने वाली परियोजनाओं को नोटिस भेजे जाएंगे।

ग्रेटर नोएडा में उतार-चढ़ाव जारी
ग्रेटर नोएडा में भूजल स्तर की बात करें तो यहां मामूली उतार-चढ़ाव जारी है। यहां का भूजल स्तर मानसून के पहले 13.52 मीटर (44.36 फीट) और मानसून के बाद 13.33 मीटर (43.73 फीट) दर्ज किया गया। वहीं, पहले से अतिसंवेदनशील क्षेत्रों की हालत अब भी खराब है।

बिसरख में मानसून के बाद भी गिरावट
बिसरख ब्लॉक में इस बार भारी बारिश के बावजूद भूजल में दो मीटर की गिरावट आई। बिसरख ब्लॉक में मानसून से पहले 15.75 मीटर और मानसून के बाद 17 मीटर भूजल दर्ज किया गया। हालांकि, दादरी और दनकौर में पांच से सात मीटर पर भूजल रहा। यहां मामूली सुधार है।

Groundwater levels dropped in Noida

जेवर में कैसे हालात?

बात करें जेवर की तो यहां तेजी से भूजल गिरना शुरू हो गया है। अब तक सात मीटर पर रहने वाला भूजल स्तर अब 10 मीटर तक पहुंच गया। इसका कारण जेवर में बस रहा नया शहर है। यहां कई ग्रुप हाउसिंग समेत अन्य परियोजनाएं चल रही हैं। बिल्डर भूजल का निर्माण कार्य में इस्तेमाल करते हैं, जो पूरी तरह से नियम विरुद्ध है। इसके लिए एसटीपी के पानी की व्यवस्था के नियम है।

Groundwater in Noida
ये भी पढ़ें:नोएडा में इंटरनेशनल गोल्फ कोर्स की परियोजना लटकी, कहां फंसा पेच?
ये भी पढ़ें:फिर तुर्कमान गेट पहुंचे बुलडोजर, मलबा हटाया; 6 और अरेस्ट; रडार पर 10 इन्फ्लुएंसर
ये भी पढ़ें:विश्व पुस्तक मेले में पहली बार नहीं लगेगी एंट्री फी; एक पहल खास; 5 बड़ी बातें

कहां अधिक स्थिति खराब?

नोएडा के गढ़ी चौखंडी प्राथमिक विद्यालय में भूजल 37 मीटर तक पहुंच गया है। वहीं, छिजारसी राजकीय डिग्री कॉलेज (आरवीएच) में लगे पीजोमीटर के अनुसार यहां भूजल 36 मीटर पर है। सेक्टर-39 के डिग्री कॉलेज और कोतवाली का भूजल भी 30 मीटर से अधिक नीचे जा चुका है। वहीं, ग्रेटर नोएडा की बात करें तो यहां गुलिस्तानपुर गांव में भूजल 24 मीटर और एसीसी का 20 मीटर पर है।

Krishna Bihari Singh

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


संक्षिप्त विवरण

कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।

पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज , धर्म ज्योतिष , एजुकेशन न्यूज़ , राशिफल और पंचांग पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।