अमेरिकी नागरिकों से 70 करोड़ ठगने वाले दबोचे, नोएडा में बैठकर करते थे फ्रॉड
सीबीआई ने एफबीआई से मिली जानकारी के आधार पर नोएडा में छापेमारी कर एक अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया और छह लोगों को गिरफ्तार किया, जो खुद को अमेरिकी सरकारी अधिकारी बताकर तीन साल में अमेरिकी नागरिकों से लगभग 70 करोड़ रुपये की ठगी कर चुके थे।
सीबीआई ने नोएडा में लगभग 70 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ छह लोगों को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला है कि आरोपी अमेरिका के लोगों को सरकारी अधिकारी बनकर ठग रहे थे।
यह पूरी कार्रवाई एफबीआई (अमेरिका) से मिली जानकारी के आधार पर शुरू हुई। सीबीआई ने दिल्ली, नोएडा और कोलकाता में छापेमारी की। सीबीआई ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शुभम सिंह, डाल्टनलिआन उर्फ माइकल, जॉर्ज टी. ज़ामलियानलाल उर्फ माइल्स, एल. सीमिनलेन हाओकिप उर्फ रॉनी, मांगखोलुन उर्फ मैक्सी और रॉबर्ट थांगखानखुआल उर्फ डेविड उर्फ मुनरोइन के रूप में की है।
सीबीआई की जांच में पता चला है कि यह गिरोह 2022 से अमेरिकी नागरिकों को कॉल कर रहा था। कॉल करने वाले खुद को डीईए, एफबीआई या सोशल सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन का अधिकारी बताते थे। वे लोगों को डराते थे कि उनका सोशल सिक्योरिटी नंबर (एसएसएन ) ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल हुआ है और जल्द ही उनके बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए जाएंगे। इस तरीके से आरोपियों ने तीन साल में 8.5 मिलियन डॉलर यानी लगभग 70 करोड़ रुपये की ठगी की।
चला रहे थे फर्जी कॉल सेंटर
सीबीआई ने इस मामले में नौ दिसंबर 2025 को केस दर्ज किया और जांच शुरू की। अगले ही दिन टीमों ने नोएडा में अवैध कॉल सेंटर पर छापा मारा। जहां आरोपी उसी समय अमेरिकी नागरिकों को कॉल कर रहे थे। सीबीआई ने मौके पर ही छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और कॉल सेंटर को बंद करा दिया।
पहले भी ऐसे ठगी हुई
नोएडा में फर्जी कॉल सेंटर खोलकर अमेरिका समेत अन्य विदेशी नागरिकों के साथ ठगी करने का सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा है। बीते 5 सालों में नोएडा से संचालित होने वाले ऐसे सात कॉल सेंटर का पर्दाफाश हो चुका है। आरोपी क्रिप्टो करेंसी और गिफ्ट कार्ड के जरिए विदेशों से रुपये भारत में मांगते हैं। हवाला के जरिए विभिन्न देशों से होते हुए रकम भारत तक आती है।
विदेश भेज देते थे रकम
छापेमारी में सीबीआई को काफी सबूत मिले। जांच के दौरान टीम ने 1.88 करोड़ रुपये, 34 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (लैपटॉप, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव आदि) और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए। जांच में यह भी सामने आया कि यह पूरा गिरोह ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी और विदेशी बैंक खातों के जरिए अलग-अलग जगह भेजता था, ताकि पकड़ में न आ सकें।
सभी कॉल सेंटर का सत्यापन कराएगी पुलिस
बीते एक सप्ताह के अंदर जिले में चार कॉल सेंटर का पर्दाफाश होने के बाद कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर की पुलिस ने सभी कॉल सेंटर का सत्यापन करने की योजना बनाई है। साल के अंत तक जिले में संचालित सभी कॉल सेंटर का सत्यापन कर लिया जाएगा। जो भी कॉल सेंटर अवैध रूप से संचालित होते मिलेंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। सभी का लाइसेंस चेक किया जाएगा। कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों का ब्यौरा भी पुलिस जुटाएगी।





