नोएडा में छात्रा का यौन उत्पीड़न; दो शिक्षकों पर केस, पुलिस ने एक को दबोचा

Jan 13, 2026 02:54 pm ISTKrishna Bihari Singh भाषा, नोएडा
share

गौतमबुद्धनगर में एक नामी कॉलेज की छात्रा के यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। दादरी पुलिस ने आरोप में एक टीचर को हिरासत में लिया है। छात्रा का आरोप है कि प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान शिक्षक ने उसके साथ छेड़छाड़ की। 

नोएडा में छात्रा का यौन उत्पीड़न; दो शिक्षकों पर केस, पुलिस ने एक को दबोचा

गौतमबुद्धनगर की दादरी पुलिस ने एक नामी कॉलेज की छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोप में एक टीचर को हिरासत में लिया है। बी.फार्मा की छात्रा का आरोप है कि प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान शिक्षक ने उसके साथ छेड़छाड़ की। छात्रा का कहना है कि जब उसने इसकी शिकायत कॉलेज के प्राचार्य से की तो उन्होंने मदद करने के बजाय उसे फेल करने और करियर बर्बाद करने की धमकी दी। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें छात्रा ने न्याय नहीं मिलने पर जान देने की बात कही है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

पुलिस ने दर्ज किया केस

पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि दादरी थाना पुलिस ने छात्रा की शिकायत के आधार पर कॉलेज के दो सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। एक टीचर को हिरासत में लिया गया है। कॉलेज में बीफार्मा चौथे वर्ष की छात्रा का आरोप है कि प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान विभाग के एक सदस्य ने उसका यौन उत्पीड़न किया और उसके साथ मारपीट भी की।

करियर बर्बाद करने की धमकी

प्रवक्ता के मुताबिक, छात्रा ने यह भी आरोप लगाया है कि जब उसका एक दोस्त उसे बचाने आया तो उसके साथ भी मारपीट की गई। छात्रा के मुताबिक, जब उसने घटना की जानकारी कॉलेज के प्राचार्य को दी तो उन्होंने उसकी बात नहीं सुनी और कथित रूप से उसे फेल करने और करियर बर्बाद करने की धमकी दी।

कॉलेज के बाहर प्रदर्शन

सोशल मीडिया पर छात्रा का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें वह टीचर और प्राचार्य पर गंभीर आरोप लगा रही है। वीडियो में छात्रा काफी डरी हुई है। उसने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेगी। घटना से आक्रोशित समाजवादी छात्र सभा ने कॉलेज के बाहर प्रदर्शन किया। संगठन के जिला अध्यक्ष मोहित नागर ने शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई और छात्रा को न्याय दिलाने की मांग की। हालांकि कॉलेज प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई सफाई या आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

Krishna Bihari Singh

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh

कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


संक्षिप्त विवरण

कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।

पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।

और पढ़ें