नोएडा बस अड्डे पर एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिलेंगी, 24 घंटे बसें चलेंगी; कई राज्यों के लिए शुरू होगी सेवा
नोएडा बस डिपो को प्रीमियम बस अड्डा बनाया जाएगा। इसमें एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं यात्रियों को मिलेंगी। इससे यात्रियों को आधुनिक और सुखद अनुभव मिलेगा। बस अड्डे में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा और पार्किंग की अच्छी व्यवस्था होगी। इसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तौर पर विकसित किया जाएगा।

नोएडा बस डिपो को प्रीमियम बस अड्डा बनाया जाएगा। इसमें एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं यात्रियों को मिलेंगी। इससे यात्रियों को आधुनिक और सुखद अनुभव मिलेगा। बस अड्डे में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा और पार्किंग की अच्छी व्यवस्था होगी। इसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तौर पर विकसित किया जाएगा।
नोएडा बस डिपो को प्रीमियम बस अड्डा बनाने के लिए आठ जून को तकनीकी बिड खोली जाएगी। इसमें वीआईपी लाउंज, शॉपिंग मॉल, सिनेमा हॉल और रेस्तरां जैसी सुविधाएं यात्रियों को मिलेंगी। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के अनुसार प्रदेश में पीपीपी मॉडल पर 49 बस अड्डों को एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इन हाईटेक बस अड्डो में नोएडा डिपो को भी शामिल किया गया है। ग्रेटर नोएडा डिपो का नाम इस सूची में नहीं है। इन बस अड्डों के 55 फीसदी क्षेत्र का उपयोग यात्री सुविधाओं के लिए और 45 फीसदी का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि बस अड्डे में व्यवसायिक गतिविधियों को विकसित करने के लिए व्यापारियों को रियायतें दी जाएगीं। यह परियोजना दो वर्ष में पूरी होगी। इससे यात्रियों को आधुनिक और सुखद अनुभव मिलेगा। बस अड्डे में सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा और पार्किंग की अच्छी व्यवस्था होगी।
उत्तर प्रदेश परिवहन निगम गौतमबुद्ध नगर के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार ने कहा कि नोएडा बस डिपो हाईटेक प्रीमियम बस अड्डे के तौर पर विकसित करने की सूची में शामिल है। उन्होंने कहा कि इसी वर्ष इस पर काम शुरू होने की पूरी संभावना है।
कई राज्यों के लिए बसें चलेंगी
● बस अड्डा विकसित होने पर हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, राजस्थान आदि शहरों के लिए बसों की सुविधा शामिल होगी।
● नोएडा डिपो और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में कनेक्टिविटी के लिए वातानुकूलित बसें चलाई जाएंगी।
● डिपो से 24 घंटे बसों की सुविधा यात्रियों को मिलेगी। वर्तमान समय में रात करीब नौ बजे तक डिपो से बसों की सुविधा मिलती है।
● बस अड्डे पर शॉपिंग मॉल, वातानुकूलित प्रतीक्षालय, रेस्तरां और सिनेमा घर की सुविधा यात्रियों को मिलेगी।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


