
नोएडा के 3 इलाकों में चले बुलडोजर, खाली कराई 15 हजार वर्ग मीटर जमीन
नोएडा में अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ गुरुवार को बड़ा ऐक्शन हुआ। नोएडा के तीन अलग-अलग इलाकों में बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की गई। तीनों जगह से करोड़ों रुपये की जमीन अवैध कब्जों से खाली कराई गई।
नोएडा प्राधिकरण ने गुरुवार को अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 अलग-अलग स्थानों से करीब 15 हजार वर्ग मीटर जमीन मुक्त कराई जिसकी कीमत करोड़ों में बताई जा रही है। यह कार्रवाई भंगेल बेगमपुरए सेक्टर-143 के डूब क्षेत्र और सोरखा जाहिदाबाद में की गई जहां अवैध दुकानों और कमरों को ध्वस्त कर दिया गया। पिछले दो वर्षों में प्राधिकरण ने कुल 2745 करोड़ रुपये की जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई है।
पहला ऐक्शन यहां
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान टीम को स्थानीय लोगों के विरोध का भी सामना करना पड़ा। पहली कार्रवाई भंगेल बेगमपुर गांव में हुई। वर्क सर्किल-8 ने भंगेल बेगमपुर गांव के खसरा नंबर-58 पर बने अवैध निर्माणों को गिरा दिया और वहां से करीब दो हजार वर्ग मीटर जमीन मुक्त कराई। उस स्थान पर लेंटर डालकर अवैध रूप से दुकानें और कमरे बनाए जा रहे थे।
दूसरी और तीसरी कार्रवाई
दूसरी कार्रवाई सेक्टर-143 के डूब क्षेत्र में की गई जहां प्राधिकरण द्वारा अधिग्रहित की गई जमीन पर अवैध कब्जा था। पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई करके करीब 7500 वर्ग मीटर जमीन को खाली कराया। अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार को ही तीसरी कार्रवाई सोरखा जाहिदाबाद में हुई जहां 6000 वर्ग मीटर जमीन पर बने अवैध निर्माणों को गिरा दिया गया।
कब-कब कितनी जमीन कराई खाली
नोएडा विकास प्राधिकरण ने साल 2024-25 में कुल 2,15,912 वर्ग मीटर जमीन से अवैध कब्जा हटवाया। इसी तरह साल 2025-26 में अब तक कुल 23,93,158 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। प्रशासन द्वारा खाली कराई गई इस पूरी जमीन की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 2,745 करोड़ रुपये बताई जाती है।
सरकारी कर्मचारियों पर भी ऐक्शन
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ डॉ. लोकेश एम ने अवैध कब्जों में मिलीभगत के आरोप में भूलेख और सिविल विभाग के कर्मचारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की है। वर्क सर्किल 6 के प्रबंधक अब्दुल शाहिद को लापरवाही के लिए कारण बताओ नोटिस जारी कर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं सहायक प्रबंधक विनीत शर्मा और एक लेखपाल को तत्काल प्रभाव से नौकरी से हटा दिया गया है। इसके अलावा एक अन्य कर्मचारी का वेतन रोकने का भी आदेश दिया गया है।





