
दादा-दादी से मिली संपत्ति पर नहीं लगेगी ट्रांसफर फीस, नोएडा अथॉरिटी करेगी यूनिफाइड पॉलिसी में बदलाव
आने वाले समय में नोएडा में औद्योगिक, संस्थागत, व्यावसायिक आदि तरह की संपत्ति दादा-दादी या नाना-नानी से लेने पर प्राधिकरण को ट्रांसफर फीस नहीं देनी होगी। इसके लिए तैयार की गई यूनिफाइड पॉलिसी में संशोधन किया जा रहा है।
आने वाले समय में नोएडा में औद्योगिक, संस्थागत, व्यावसायिक आदि तरह की संपत्ति दादा-दादी या नाना-नानी से लेने पर प्राधिकरण को ट्रांसफर फीस नहीं देनी होगी। इसके लिए तैयार की गई यूनिफाइड पॉलिसी में संशोधन किया जा रहा है। जल्द ही इसको अंतिम रूप से देकर इस व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा।
यूनिफाइड पॉलिसी में ब्लड रिलेशन को विस्तार देते हुए नोएडा प्राधिकरण ने यह निर्णय लिया है। अभी तक यह छूट माता-पिता, भाई-बहन, पत्नी आदि लोगों के जरिये संपत्ति लेने पर मिलती थी। किसी भी संपत्ति के बिकने पर उससे संबंधित ट्रांसफर फीस प्राधिकरण में जमा करानी होती है। यह संपत्ति की कीमत की 10 प्रतिशत फीस होती है। अभी तक तैयार यूनिफाइड पॉलिसी में दादा-दादी और नाना-नानी शामिल नहीं थे। यूनिफाइड पॉलिसी के इस बदलाव के दायरे में आवासीय छोड़कर अन्य संपत्तियां आएंगी। प्राधिकरण इसके साथ ही पॉलिसी में कई और अहम बदलाव करने जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि जिल के तीनों प्राधिकरण में सपत्तियों के आवंटन नियमों में एकरूपता के लिए शासन स्तर से यूनिफाइड पॉलिसी बनाई गई थी। नोएडा प्राधिकरण में यह पॉलिसी 25 फरवरी 2025 से लागू हो रखी है। पॉलिसी लागू होने के बाद इसमें कई तरह की जटिलता सामने आ रही थी। दो महीने पहले तीन अक्टूबर को हुई बोर्ड बैठक में पॉलिसी में आ रही दिक्कतों से संबंधित प्रस्ताव रखा था। बोर्ड ने निर्देश दिया था कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों की जॉइंट कमेटी बनाकर जिन बिंदुओं पर बदलाव किया जाना जरूरी है, उनको चिह्नित किया जाए। इसके बाद प्राधिकरण ने होने वाले बदलाव को चिह्नित कर प्रारूप तैयार कर लिया है। इस प्रारूप पर चेयरमैन के हस्ताक्षर होने हैं। इसके बाद इसके बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
800 वर्ग मीटर से छोटे भूखंड लेने वालों को छूट
नोएडा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि ब्लड रिलेशन को विस्तार देने के अलावा कुछ और बदलाव यूनिफाइड पॉलिसी में किए गए हैं। पॉलिसी में सभी व्यावसायिक संपत्तियों के आवंटन के नियम एक कर दिए गए हैं। ऐसे में छोटे भूखंड जो 800 वर्ग मीटर से भी कम हैं और दुकानें, उनको लेने के लिए भी आवेदन में आयकर रिटर्न, पूंजी, लेनदेन का ब्योरा अनिवार्य हो गया था। इस वजह से नए लोग जो अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए समस्या आ रही थी। इसको देखते हुए प्राधिकरण ने छोटे भूखंड और दुकानों के आवंटन में यह बाध्यता हटाने का निर्णय लिया है। इससे आवंटन के नियम सरल होंगे। व्यावसायिक भूखंड में बड़े आवंटन में निर्माण अनुभव से सड़क, पुल निर्माण के अनुभव को हटाया जाएगा।





