
नोएडा में सुपरटेक पर 6000 करोड़ से अधिक का बकाया, 4300 फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री अटकी
नोएडा प्राधिकरण का सुपरटेक की विभिन्न परियोजनाओं पर 6000 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है, जिसके कारण 4300 से ज्यादा फ्लैटों की रजिस्ट्री फंसी हुई है और अब खरीदार कोर्ट के आदेश के बाद उम्मीद लगाए हैं।
नोएडा विकास प्राधिकरण के सुपरटेक की परियोजनाओं पर छह हजार करोड़ रुपये से अधिक बकाया हैं। इससे 4300 से अधिक फ्लैट की रजिस्ट्री अटकी हुई हैं। प्राधिकरण ने बकाया रकम लेने के लिए नोटिस देने के अलावा ज्यादा सख्ती नहीं बरती।
नोएडा में सुपरटेक की ग्रुप हाउसिंग के अलावा व्यावसायिक और मिक्स लैंड यूज परियोजनाएं भी हैं। नोएडा प्राधिकरण ने 28 मार्च 2011 को भूखंड संख्या-3, सेक्टर-94 का आवंटन मैसर्स सुपरटेक रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड को किया था। इस भूखंड पर सुपरनोवा परियोजना का निर्माण हुआ है। इस भूखंड का क्षेत्रफल 70002 वर्ग मीटर है। भूउपयोग आवासीय और करीब आठ हजार वर्ग मीटर व्यावसायिक, दोनों शामिल हैं। आवंटन के वक्त भूखंड की कीमत 913 करोड़ रुपये थी। इसके बाद बिल्डर ने इस पर नक्शे पास करवाए और फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) भी लिया।
अब तक इस भूखंड के सापेक्ष बिल्डर की तरफ से प्राधिकरण में करीब 605 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं। वहीं, कुछ समय पहले ही प्राधिकरण की तरफ से परियोजना में लगाए गए बोर्ड में बकाया 3751 करोड़ 60 लाख रुपये बताया गया है। इसमें लीज रेंट समेत अन्य गणना शामिल हैं। इस परियोजना में करीब 1200 फ्लैट बनने प्रस्तावित हैं। बाकी दुकानें और ऑफिस हैं। अभी तैयार 582 फ्लैट में से 497 फ्लैट की रजिस्ट्री नहीं हो सकी है। अब उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद इस परियोजना में भी प्राधिकरण का बकाया फंसता नजर आ रहा है। सुपरनोवा परियोजना में रहने वाले लोगों का कहना है कि प्राधिकरण समय रहते अगर सुपरटेक बिल्डर से बकाया लेता तो उनके फ्लैटों की रजिस्ट्री न फंसी रहती।
फ्लैट खरीदारों की लिस्ट अपडेट करने का काम शुरू : उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद सोसाइटी में रह रहे फ्लैट खरीदारों में जल्द रजिस्ट्री की उम्मीद जग गई है। सुपरनोवा एओए की अध्यक्ष पल्लवी कौशिक ने बताया कि बिना फ्लैट की रजिस्ट्री वाले 487 खरीदारों की सूची को अपडेट करना शुरू कर दिया गया है। इस सूची को अपडेट कर जल्द नोएडा प्राधिकरण को सौंप दिया जाएगा। उम्मीद है कि नए साल के पहले या दूसरे सप्ताह में सोसाइटी में ही प्राधिकरण और निबंधन विभाग शिविर लगाकर रजिस्ट्री कराएगा।
सुपरनोवा के अलावा सुपरटेक की मौजूदा समय में तीन परियोजनाएं अधर में हैं। इनमें प्राधिकरण का करीब 1560 करोड़ रुपये बकाया है। इन में 3883 फ्लैटों की रजिस्ट्री फंसी हुई है।
नोएडा में बिल्डर की तीन और परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये बकाया
1. सेक्टर-118, सुपरटेक रोमानो
परियोजना में नोएडा प्राधिकरण का करीब 470 करोड़ रुपये बकाया है। प्राधिकरण ने आईवीआर प्राइम डेवलपर्स को यहां पर 1 लाख 42000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का भूखंड आवंटित किया था। इस पर सुपरटेक रोमानो और अजनारा एम्ब्रोशिया दो परियोजनाएं हैं। यहां पर 1500 से ज्यादा सुपरटेक के फ्लैट खरीदार रजिस्ट्री और फ्लैट मिलने के इंतजार में हैं।
2. सेक्टर-137 सुपरटेक इकोसिटी
यह भूखंड सुपरटेक लिमिटेड को 12 मार्च 2010 को आवंटित हुआ था। इसमें 21 टावर हैं, जिनमें 1953 फ्लैटों का नक्शा जून-2010 व मार्च 2015 में पास करवाया गया है। इनमें से 20 टावर व 1953 फ्लैटों का आंशिक अधिभोग प्रमाणपत्र सितंबर-2014, अक्टूबर 2015 में जारी हो चुका है। 1600 फ्लैटों की रजिस्ट्री हो चुकी है। 353 फ्लैटों की रजिस्ट्री बाकी है। प्राधिकरण का करीब 175 करोड़ रुपये बकाया है।
3. सेक्टर-74, केपटाउन-नार्थ आई
यह भूखंड नोएडा प्राधिकरण से सुपरटेक लिमिटेड को 17 अगस्त 2010 में आवंटित हुआ था। दोनों परियोजनाओं के इस प्लॉट का क्षेत्रफल 2 लाख 9 हजार 270 वर्ग मीटर है। प्लॉट पर 54 टावर व 8055 फ्लैट का नक्शा पास है। इसमें 4419 फ्लैट हैं, जिनमें से 2000 की रजिस्ट्री बाकी है। कई टावर का निर्माण अधूरा है। इस भूखंड पर प्राधिकरण का करीब 915 करोड़ रुपये बकाया है।





