
इंदौर जैसा हाल न हो, दूषित पानी को लेकर एक्शन में नोएडा और ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद नोएडा और ग्रेटर अथॉरिटी एक्शन मोड में है। नोएड अथॉरिटी ने एक 'स्पेशल कमेटी' का गठन किया है तो वहीं ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने आठ टीमों का गठन किया है।
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद नोएडा अथॉरिटी ने शुक्रवार को पीने के पानी से जुड़े मामलों की निगरानी और समाधान के लिए एक 'स्पेशल कमेटी' का गठन किया है। एक अधिकारी ने बताया है कि कमेटी जल्द एक रिपोर्ट पेश करेगी और शहर में पीने के पानी से जुड़े मामलों के समाधान के लिए उपाय भी बताएगी।
नोएडा अथॉरिटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लोकेश एम ने शुक्रवार को एक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जन कल्याण और बुनियादी ढांचे से संबंधित मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े किसी भी मुद्दे पर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लोकेश एम ने कहा ‘इंदौर में जल प्रदूषण के मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए, हमने जल विभाग की एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है जो लीकेज की पहचान करेगी और जल की गुणवत्ता की जांच के लिए नमूने भी लेगी। शहर में इंदौर जैसी घटना को रोका जा सके इसके लिए समिति जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश करेगी।’
ग्रेटर नोएडा में आठ टीमों का गठन
वहीं मीडिया में जारी रिपोर्ट्स की मानें तो ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ रवि कुमार एनजी ने पानी की पाइपलाइन में लीकेज, अवरुद्ध सीवर या ओवरफ्लो हो रहे सीवरों का निरीक्षण करने के लिए आठ टीमों के गठन का आदेश दिया है। मालूम हो कि हाल में ग्रेटर नोएडा में डेल्टा 1 सेक्टर के कई निवासी कथित तौर पर दूषित पानी पीने के बाद बीमार पड़ गए थे। स्थानीय लोगों का आरोप था कि अवरुद्ध सीवर लाइन से निकलने वाला गंदा पानी टूटी हुई पाइपलाइनों के साथ घरों तक पहुंच रहा है।

इंदौर में क्या हुआ था?
बता दें कि इंदौर के भागीरथपुरा में नर्मदा नदी की पाइपलाइन में ड्रेनेज लाइन का पानी मिल जाने से सप्लाई का पानी गंदा हो गया था। नतीजन सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए, जिससे डायरिया और उल्टी का गंभीर प्रकोप फैल गया। करीब 1400 लोगों पर इसका असर दिखा।





