काम की बात: नोएडा एयरपोर्ट पर कुछ सेकेंड में ही मिल जाएगा बोर्डिंग पास; और क्या-क्या खास
Jewar International Airport News: जेवर में नोएडा एयरपोर्ट का ढाई दशक पुराना सपना सोमवार से सच हो रहा है। एयरपोर्ट ना सिर्फ बहुत बड़ा है, बल्कि इसमें कई आधुनिक और खास सुविधाएं भी हैं। बोर्डिंग पास तो यहां कुछ सेकेंड में ही मिल जाएगा।

Jewar International Airport News: जेवर में बना नोएडा एयरपोर्ट का सालों का इंतजार आज से खत्म हो रहा है। लखनऊ, बेंगलुरु, अमृतसर समेत कई शहरों के लिए उड़ानों के साथ 25 साल पहले देखा गया सपना पूरा हो जाएगा। हालांकि, अभी महज ट्रेलर है, पांच चरणों का काम पूरा होने के बाद नोएडा एयरपोर्ट एशिया में सबसे बड़ा होगा। यह आकार में जितना बड़ा है, सुविधाओं में उतना ही आधुनिक। देश में पहली बार बड़े पैमाने पर एलसी-3 (चूना, मिट्टी-सीमेंट) के मिश्रण से नोएडा एयरपोर्ट बनाया गया है, जो लो-कार्बन निर्माण सामग्री पारंपरिक सीमेंट की तुलना में पर्यावरण पर कम प्रभाव डालती है।
चंद सेकेंड में ही मिल जाएगा बोर्डिंग पास
नोएडा एयरपोर्ट पर सेल्फ चेक इन मशीनें लगी है। यहां बिना कतार में लगे यात्री चंद सेकेंड में बोर्डिंग पास हासिल करेंगे। इसके अलावा सामान का वजन समेत भुगतान स्वयं किया जा सकेगा। करीब 1.37 लाख वर्ग मीटर में फैले टर्मिनल में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते यहां 48 चेक-इन काउंटर, 20 सेल्फ बैगेज ड्रॉप और 9 सक्यिोरिटी चेक लेन स्थापित किए हैं। घरेलू उड़ानों के लिए दो बस बोर्डिंग गेट हैं।
10 एयरोब्रिज लगे
यात्रियों के लिए हवाई अड्डे पर 10 एयरोब्रिज हैं। यात्री एक बार में दस विमानों में चढ़ या उतर सकते हैं। इससे यात्रा का समय बचेगा। इसके अलावा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए अलग-अलग द्वार बनाए गए हैं।
प्रति यात्री टिकट राजस्व अर्जित करने वाला पहला हवाई अड्डा
नोएडा हवाई अड्डे के साथ देश में एक नया राजस्व बंटवारा मॉडल विकसित होगा। प्रति यात्री टिकट एक निश्चित राजस्व जुटाने का फॉर्मूला अपनाया गया है। सरकार को प्रति टिकट 400.97 रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। यह राजस्व बंटवारा आठवें वर्ष में शुरू होगा।
लोकेशन और कनेक्टिविटी
● स्थान : जेवर, गौतमबुद्ध नगर
● परी चौक से 40 किलोमीटर दूर
● नोएडा से 70 किलोमीटर दूर
● दिल्ली से 90 किलोमीटर दूर
पहला फेज- 1334 हेक्टेयर
● एक रनवे, एक टर्मिनल
● 1.20 करोड़ प्रति वर्ष
● एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, टैक्सीवे और पार्किंग-बे
दूसरा फेज
● दूसरा रनवे
● एमआरओ हब
तीसरा फेज
● कुल पांच रनवे
● एविएशन कंपनियां बनेंगी
● सात करोड़ प्रति वर्ष यात्री क्षमता हो जाएगी।
कार्गो टर्मिनल
● कुल क्षेत्र: 87 एकड़
● पहला चरण: 30 एकड़
● 2.50 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष
● बड़े पैमाने पर कार्गो हैंडलिंग
● कोल्ड स्टोरेज
ग्राउंड ट्रांसपोर्ट सेंटर (जीटीसी)
● कुल क्षेत्र: 20 एकड़
● भूमिगत बहुमंजिला पार्किंग
● प्रथम चरण: 1200 पार्किंग
● बस टर्मिनल, टैक्सी और कैब जोन
● नमोभारत, हाईस्पीड ट्रेन स्टेशन
चार एक्सप्रेसवे से जुड़ाव
● यमुना एक्सप्रेसवे (डायरेक्ट कनेक्शन)
● ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे
● दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
● गंगा एक्सप्रेसवे ● एनएच-34
एयरपोर्ट के अंदर क्या-क्या होगा
● सेल्फ चेक-इन क्योस्क ● डिजिटल बोर्डिंग सिस्टम
● लगेज हैंडलिंग ऑटोमेशन ● लाउंज, फूड कोर्ट, ड्यूटी-फ्री शॉप्स
आसपास के क्षेत्र में भी विकास होगा
1. दिल्ली एयरोसिटी की तर्ज पर एयरोपोलिस
2. आसपास होटल, ऑफिस और मॉल बनेंगे
3. औद्योगिक गतिविधियां होंगी
4. लॉजिस्टिक्स पार्क
5. वेयरहाउसिंग हब
ग्रीन एयरपोर्ट फीचर्स
● सोलर पावर प्लांट
● रेन वाटर हार्वेस्टिंग
● कार्बन-न्यूट्रल लक्ष्य
लेखक के बारे में
Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)
सुधीर झा एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार और संपादकीय नेतृत्वकर्ता हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में LiveHindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सहित 8 राज्यों की कवरेज संभालने वाली स्टेट टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। वे राजनीति, अपराध और प्रशासन से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज से लेकर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तक, तथ्य-आधारित और संतुलित पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
15 सालों का अनुभव
सुधीर झा ने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की। दैनिक आज समाज और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर की ग्राउंड रिपोर्टिंग के बाद उन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल, न्यूजट्रैक और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क के अनुभव ने उनकी विश्लेषणात्मक समझ को और व्यापक बनाया। डिजिटल पत्रकारिता में उन्हें होमपेज मैनेजमेंट, लाइव इवेंट कवरेज (लोकसभा चुनाव, केंद्रीय बजट), हाइपरलोकल रिपोर्टिंग और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल में विशेषज्ञता प्राप्त है।
विश्वसनीय खबरों का लेखन
सुधीर झा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होमपेज मैनेजमेंट, लाइव इवेंट कवरेज (जैसे लोकसभा चुनाव और केंद्रीय बजट), हाइपरलोकल रिपोर्टिंग और कंटेंट क्वालिटी कंट्रोल में विशेषज्ञता रखते हैं। उनकी संपादकीय शैली में स्पीड और वेरिफिकेशन का संतुलन प्रमुख है। वे जमीनी स्रोतों, स्ट्रिंगर्स और रिपोर्टर्स के साथ समन्वय कर एक्सक्लूसिव और इम्पैक्टफुल स्टोरीज पर फोकस करते हैं। वे प्रत्येक खबर में मल्टी-सोर्स वेरिफिकेशन, सभी पक्षों की प्रतिक्रिया और विशेषज्ञों की राय शामिल करने पर जोर देते हैं। सुधीर झा न्यूज राइटिंग में विश्वसनीयता और निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखते हैं। उनकी संपादकीय प्राथमिकता सार्वजनिक हित, निष्पक्षता और तथ्यपरकता है। सुधीर झा का मानना है कि विश्वसनीयता, पारदर्शिता और तथ्यपरकता ही पत्रकारिता की असली ताकत है।
शिक्षा और सम्मान
सुधीर झा ने कंप्यूटर साइंस में स्नातक किया है और दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। डिजिटल पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें ‘Digi Journo of the Year 2024–25’ और ‘Digital Content Award 2023–24’ से सम्मानित किया जा चुका है। इससे पहले उन्हें 'हम से सीखो' विशेष कैंपेन के लिए भी सम्मानित किया गया है।
विशेषज्ञता
राजनीति, अपराध और प्रशासनिक मामलों की गहन व तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग
ब्रेकिंग न्यूज मैनेजमेंट और मल्टी-स्टेट हाइपरलोकल कवरेज लीडरशिप
डिजिटल होमपेज ऑप्टिमाइजेशन और रियल-टाइम कंटेंट स्ट्रेटेजी
लाइव इवेंट कवरेज (लोकसभा चुनाव, केंद्रीय बजट) और विश्लेषणात्मक लेखन
मल्टी-सोर्स वेरिफिकेशन, संपादकीय गुणवत्ता नियंत्रण और टीम मेंटरशिप


