नोएडा एयरपोर्ट तैयार पर कार्गो टर्मिनल तक सड़क बनने में देरी, क्या वजह
यमुना एक्सप्रेसवे पर कार्गो गाड़ियों का दबाव कम करने के लिए एयर कार्गो टर्मिनल तक बनने वाली 8.25 किलोमीटर लंबी सड़क का काम पूरा होने में काफी समय लगेगा। इसका कारण, कई जगहों पर भूमि की उपलब्धता ना होना है।
यमुना एक्सप्रेसवे पर कार्गो गाड़ियों का दबाव कम करने के लिए एयर कार्गो टर्मिनल तक बनने वाली 8.25 किलोमीटर लंबी सड़क का काम पूरा होने में काफी समय लगेगा। इसका कारण, कई जगहों पर भूमि की उपलब्धता ना होना है। इसके चलते सड़क कई जगहों पर टुकड़ों में अधूरी पड़ी है, जबकि नोएडा एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। ऐसे में उड़ान शुरू होने तक सड़क पूरा होना मुश्किल है।
178 करोड़ रुपये में बनाने का प्रस्ताव
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) सड़क का निर्माण कर रहा है। एयरपोर्ट में बन रहे एयर कार्गो टर्मिनल को यमुना एक्सप्रेसवे से उत्तर पूर्वी दिशा में जोड़ने वाली 30 मीटर चौड़ी सड़क को 178 करोड़ रुपये में बनाने का प्रस्ताव है। इस सड़क का निर्माण कार्य फरवरी 2025 में शुरू हुआ था। सड़क के कैरिज- वे (जिस हिस्से पर वाहन चलते हैं) की चौड़ाई 18 मीटर रहेगी। इसी सड़क से माल वाहक वाहन कार्गो टर्मिनल तक पहुंच सकेंगे। सड़क की एक लेन पर काली लेयर बिछ चुकी है।
वाहन से सड़क की गुणवत्ता परखने का काम भी किया गया है। हालांकि, कई हिस्सों में अभी सड़क अधूरी पड़ी है। यहां जमीन संबंधी विवाद है, जो कोर्ट में विचाराधीन है। यीडा का दावा है कि जमीनी विवाद सुलझाने के लिए किसानों से वार्ता जारी है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए इसके एयरपोर्ट से उड़ान तक पूरा होना असंभव होगा। पहले सड़क को जनवरी अंततक पूरा करने का दावा किया जा रहा था, लेकिन सड़क का काम पूरा होने में काफी समय लगेगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उड़ान के लिए लगभग तैयार हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर एयरपोर्ट पहुंचाने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। ग्रेटर नोएडा से 40, नोएडा से 70 और दिल्ली से 80 से 90 किलोमीटर दूर स्थित एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी का जाल तो बिछ रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी इसे उतारा नहीं जा सका है। यमुना एक्सप्रेसवे के अलावा किसी भी अन्य मार्ग से एयरपोर्ट पहुंचना आसान नहीं है।
पलवल खुर्जा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगी सड़क
यह सड़क भविष्य में एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल से होते हुए प्रस्तावित पलवल खुर्जा मार्ग से जुड़ेगी। कार्गो टर्मिनल से इस सड़क का करीब पांच किलोमीटर तक विस्तार किया जाना है। प्राधिकरण इसके लिए भी जमीन खरीदेगा। हालांकि, फिलहाल इसे कार्गो टर्मिनल तक पूरा करना चुनौती बना हुआ है। इस सड़क के जरिए एयरपोर्ट आने वाले कार्गो वाहन आसानी से टर्मिनल तक पहुंच सके और यमुना एक्सप्रेसवे पर माल वाहक वाहनों का दबाव न बढ़े।?
आगामी दिनों में वाहनों का दबाव बढ़ेगा
एयरपोर्ट के यात्री और कार्गो टर्मिनल का क्रियान्वयन हो जाने पर देश विदेश के लोगो का आवागमन बना रहेगा। वर्तमान में यमुना एक्सप्रेसवे पर प्रतिदिन 35 हजार से अधिक वाहन फर्राटा भरते हैं, जोकि वीकेंड व त्योहारों पर 50 हजार प्रतिदिन तक हो जाते हैं। ऐसे में एयरपोर्ट शुरू होने के बाद विभिन्न प्रकार के वाहनों का दबाव बढेगा। कार्गो टर्मिनल होने के कारण यहां हजारों वाहनों का आवगमन विभिन्न सड़कों के माध्यम से प्रतिदिन बना रहेगा।
कार्गो के लिए पहले दिन से फ्लाइट शुरू होगी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहले दिन से ही कार्गो फ्लाइट भी शुरू का दावा है। एयरपोर्ट परिसर पर कार्गो टर्मिनल व कार्गो हब के निर्माण कार्यों को पूरा करने का दावा किया गया है। ऐसे में सड़क पूरी न होने से कार्गो से जुड़े कार्यों में बाधा उत्पन्न होगी। एयरपोर्ट पर 80 एकड़ में कार्गो हब तैयार किया गया है। इस कार्गो हब से प्रतिदिन 50 लाख मीट्रिक टन कार्गो के आयात निर्यात का दावा है।
सड़क ना बनने से माल आने जाने में दिक्कत होगी। शहर में कुछ बड़े उद्योग शुरू हो चुके हैं, जिन्हें देश विदेश में अपना सामान भेजने में दिक्कत आ सकती है। -रिषभ निगम, अध्यक्ष, यमुना एक्सप्रेसवे उद्यमी संघ
यमुना सिटी में अभी औद्योगिक इकाई लगाने के लिए ही मूलभूत सुविधा नहीं है। यदि कार्गो टर्मिनल तक सड़क नहीं होगी तो बड़ी औद्योगिक इकाई अपने सामान को आयात निर्यात नहीं कर सकेगी। -इमरान ग़नी, सचिव, यमुना एक्सप्रेसवे उद्यमी संघ
ज्यादातर सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। करीब दो जगहों पर भूमि विवाद के चलते निर्माण अटका है। इसे जल्द से जल्द सुझालने के प्रयास जारी है, ताकि कार्गों सड़क का निर्माण तेजी से पूरा किया जा सके। -राजेंद्र भाटी, महाप्रबंधक परियोजना, यीडा

लेखक के बारे में
Aditi Sharmaअदिति शर्मा
अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।
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