काम की बात: नए हाईवे पर 60 km से पहले नहीं होंगे टोल बूथ, केंद्र सरकार ने जारी की SOP
वाहन चालकों के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें नए बनने वाले हाईवे पर 60 किलोमीटर से पहले टोल टैक्स नहीं चुकाना होगा। केंद्र सरकार ने इस पर अमल के लिए एक एसओपी जारी की है। वहीं एक हाई लेवल कमेटी इस पर नजर रखेगी।

देश में अब नए हाईवे पर 60 किलाेमीटर से पहले टोल नहीं होंगे। इसके लिए सरकार ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रॉसीजर (एसओपी) जारी कर उसका सख्ती से पालन करने के लिए शीर्ष अधिकारियों की हाई लेवल कमेटी गठित की है।
वर्तमान में देशभर में 130 स्थान ऐसे हैं, जहां यात्रियों को यह दूरी (60 किमी) तय करने के लिए दो बार टोल टैक्स देना पड़ रहा है। इनमें से लगभग 22 टोल प्लाजा तो ऐसे हैं, जो 30 किलोमीटर से भी कम की दूरी पर हैं। इस संबंध में सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने 24 जून को एसओपी जारी की है। इसका पालन कराने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के सदस्य (कमर्शियल ऑपरेशन) की अध्यक्षता में टोल कमेटी गठित की है। इसमें मंत्रालय के अपर सचिव, संयुक्त सचिव (टोल), एनएचआईडीसीएल के एमडी सहित कई शीर्ष अधिकारी सदस्य हैं।
टोल कमेटी से विशेष अनुमति लेनी होगी
अब यदि निर्माण कंपनी-ठेकेदार टोल प्लाजा 60 किलोमीटर से कम दूरी या किसी शहर की सीमा से 10 किलोमीटर के भीतर बनाना चाहता है, तो उसे टोल कमेटी से विशेष अनुमति लेनी होगी। वह भी सड़क निर्माण शुरू होने से पहले।
आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल
नियमों में कोई भी ढील देने से पहले कंपनियों को एडवांस्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करना होगा। नए नियमों में हाईवे का निर्माण 95 फीसदी पूरा होने तक टोल टैक्स की अधिसूचना हर हाल में जारी हो जानी चाहिए। नई एसओपी से हाईवे परियोजनाओं में पारदर्शिता आएगी।
दो एक्सप्रेस वे पर सबसे कम दूरी पर टोल
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के गाजियाबाद के छिजारसी टोल प्लाजा और एक्सप्रेसवे के एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स के बीच की दूरी भी काफी कम है, जिसे लेकर स्थानीय लोग अक्सर विरोध जताते रहे हैं। पंजाब और हरियाणा को जोड़ने वाले अंबाला-चंडीगढ़ रूट (एनएच-152-एनएच-44) के इस हिस्से में भी कम दूरी पर कई टोल मौजूद हैं। बता दें कि, सरकार को हाईवे पर कम दूरी पर स्थित टोल प्लाजा को लेकर समय-समय पर शिकायतें मिलती रहती हैं।
टोल नाकों पर ई-नोटिस जारी होगा
वहीं, राजधानी दिल्ली के टोल नाकों पर नियम उल्लंघन को लेकर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) प्रशासन ई-नोटिस जारी करेगा। एमसीडी अधिनियम में संशोधन कर टोल नाकों के नए उपनियमों के प्रस्ताव को गुरुवार को सदन से स्वीकृति मिल चुकी है। अब इसे दिल्ली सरकार के पास भेजा जाएगा। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार की तरफ से इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूर कर इससे जुड़ी अधिसूचना जल्द जारी कर दी जाएगी। इसके बाद ई-नोटिस प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।


