ना फिंगर प्रिंट, ना CCTV; फिर भी आरोपी को राजस्थान से ढूंढ लाई पुलिस, दिल्ली में सुलझा परफेक्ट मर्डर केस

Jan 08, 2026 12:41 am ISTSourabh Jain हिन्दुस्तान टाइम्स, नई दिल्ली
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पुलिस टीमों ने दर्जनों कैमरों के फुटेज खंगालने के बाद रिश्तेदारों और पड़ोसियों से मृत जोड़े से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े किसी भी व्यक्ति से पूछताछ की। इस दौरान उसे घर पर काम कर चुके कई लोगों का 

ना फिंगर प्रिंट, ना CCTV; फिर भी आरोपी को राजस्थान से ढूंढ लाई पुलिस, दिल्ली में सुलझा परफेक्ट मर्डर केस

दिल्ली पुलिस ने हाल ही में शहर के शाहदरा इलाके में हुई एक बुजुर्ग दंपति की मर्डर मिस्ट्री को सुलझाते हुए इस वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस सफलता के बाद उसकी जमकर तारीफ हो रही है। यह तारीफ इसलिए हो रही है क्योंकि इस केस के मुख्य आरोपी ने पुलिस को चकमा देने के लिए घटनास्थल पर कोई सबूत नहीं छोड़ा था। उसने ना तो फिंगरप्रिंट छोड़े थे और ना ही सीसीटीवी फुटेज में अपना चेहरा दिखाया था। हालांकि इसके बावजूद पुलिस ने आरोपी को ढूंढ निकाला और करीब 500 किलोमीटर दूर से उसे राजस्थान से धर दबोचा। आरोपी की पहचान पूर्व केयरटेकर अशोक कुमार सेन के रूप में हुई है, जो कि शहर के नांगलोई का रहने वाला है और उसे मंगलवार को गिरफ्तार किया गया।

न्यूज़ एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार, मृतक दंपति की पहचान वीरेंद्र कुमार बंसल (71) और उनकी पत्नी प्रवेश बंसल (65) के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि यह वारदात 3 और 4 जनवरी की रात को हुई थी। उन्होंने कहा कि शुरू में यह वारदात एक परफेक्ट मर्डर लग रहा था, क्योंकि तमाम कोशिशों के बाद भी किसी तरह का सबूत नहीं मिल पा रहा था। हालांकि फिर लगातार कोशिशों के बाद पुलिस की मेहनत रंग लाई और उसकी कोशिशों का फल उसे मिल गया।

ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (सेंट्रल) मधुर वर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला 4 जनवरी को रात करीब 12.30 बजे सामने आया, जब एक PCR कॉल आई जिसमें बताया गया कि कॉल करने वाले के माता-पिता अपने घर पर बेहोश पड़े हैं और ऐसा लग रहा है कि उनकी मौत हो गई है। खबर मिलते ही पुलिस की एक टीम तुरंत बताई गई जगह पर पहुंची और घर के बाहरी गेंट के पास एक कमरे में प्रवेश को बिस्तर पर बेहोश पाया। दूसरे कमरे में वीरेंद्र बिस्तर पर मिले, उनके मुंह और नाक से खून बह रहा था, दोनों आंखों के आसपास चोट के निशान थे और सिर पर नाखून के घाव जैसा निशान था।

वर्मा ने कहा कि इसके बाद, 'दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डबल मर्डर की गंभीरता को देखते हुए, जांच के लिए कई टीमें बनाई गईं।'

दिल्ली के हत्यारे ने अपने निशान कैसे मिटाए?

जांचकर्ताओं ने बताया कि क्राइम सीन देखने से पता चला कि यह अपराध बेहद सावधानीपूर्वक और योजना बनाकर किया गया है। संदिग्ध ने अपने शरीर को पूरी तरह से ढका हुआ था, दास्ताने पहने थे और कोई भी फिजिकल या फोरेंसिक निशान नहीं छोड़ा था। CCTV फुटेज में एक व्यक्ति कैमरे के ब्लाइंड स्पॉट से ही बिल्डिंग में घुसता और निकलता दिखा, जिससे पहचान करना मुश्किल हो गया।

पुलिस टीमों ने दर्जनों कैमरों के फुटेज खंगालने के बाद रिश्तेदारों और पड़ोसियों से मृत जोड़े से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े किसी भी व्यक्ति से पूछताछ की। साथ ही वारदात के वक्त घटनास्थल के आसपास सक्रिय 50 से ज़्यादा मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड का विश्लेषण भी किया, साथ ही एरिया-डंप डेटा भी देखा।

ज्वाइंट CP ने कहा, 'पूछताछ के दौरान टीम को पता चला कि बुजुर्ग जोड़ा अक्सर बीमार रहता था, जिसकी वजह से उन्होंने पहले अपने घर पर केयरटेकर भी रखे थे। एक केयरटेकर, जिसने लगभग दो महीने काम किया था, उससे विस्तार से पूछताछ की गई, लेकिन उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला।'

इसके बाद पुलिस का शक एक और पूर्व केयरटेकर पर गया। जब पुलिस ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, तो उसकी पत्नी ने दावा किया कि वह बिना मोबाइल फोन के राजस्थान में खाटू श्याम मंदिर की तीर्थयात्रा पर गया है। बस पुलिस को यही बात खटक गई और इसके बाद उसने अपनी एक टीम को आरोपी के नांगलोई वाले घर पर भेजा। जहां से पुलिस को उसकी तस्वीर मिल गई और पुलिस ने उसकी तस्वीर ली और CCTV फुटेज में दिखे संदिग्ध से उसकी तुलना की। विश्लेषण से पता चला कि शारीरिक बनावट और चलने के तरीके में समानता ने उनके शक को और पक्का कर दिया।

वर्मा ने कहा, 'आगे की जांच में पता चला कि केयरटेकर ने हाल ही में एक रिश्तेदार के मोबाइल फोन से अपनी पत्नी से संपर्क किया था, जिसके बाद पुलिस ने उस मोबाइल को ट्रेस किया और उसके राजस्थान के सीकर में होने का पता चला। तब दिल्ली पुलिस के अधिकारियों की एक जॉइंट टीम को तुरंत सीकर के तापिपल्या गांव भेजा गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।'

लगातार पूछताछ के दौरान आरोपी सेन ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, साथ ही उसकी निशानदेही पर पुलिस ने लूटे गए सोने के गहने - जिसमें एक चेन, एक मंगलसूत्र, दो चूड़ियां, एक अंगूठी और एक चेन लॉकेट शामिल था भी बरामद कर लिए।

वर्मा ने कहा, 'आरोपी ने शक से बचने के लिए घटना से कुछ दिन पहले अपना घर बदल लिया था और CCTV कैमरों से कवर न होने वाली जगहों को पहचानने के लिए बिल्डिंग का ध्यान से जायजा लिया था। उसने जानबूझकर अपना मोबाइल फोन घर पर छोड़ दिया ताकि कोई टेक्निकल सबूत न छूटे।'

पुलिस ने बताया कि सेन को पता था कि कपल का बेटा हमेशा घर पर नहीं रहता था। उसकी गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर उसने अपराध किया और बाद में राजस्थान में अपनी पत्नी के रिश्तेदार के घर भाग गया। पुलिस ने बताया कि घटनाओं के क्रम को फिर से बनाने और यह जांचने के लिए कि आरोपी के कोई साथी थे या उसे कोई मदद मिली थी।

Sourabh Jain

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सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


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