अभी शादी फिर बच्चे होंगे... SC में नीतीश कटारा मर्डर के दोषी विकास यादव की जमानत अर्जी खारिज

Anubhav Shakya लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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नीतीश कटारा हत्याकांड में उम्रकैद की सज़ा काट रहे दोषी विकास यादव को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम ज़मानत की अवधि बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया है, कोर्ट ने उनकी शादी और जुर्माना भरने के लिए पैसे जुटाने की दलीलें खारिज कर दीं।

अभी शादी फिर बच्चे होंगे... SC में नीतीश कटारा मर्डर के दोषी विकास यादव की जमानत अर्जी खारिज

नीतीश कटारा हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे दोषी विकास यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को उनकी अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया। विकास यादव ने अपनी लंबित याचिका दिल्ली हाई कोर्ट में आगे बढ़ाने के लिए अपनी अर्जी वापस ले ली।

सुप्रीम कोर्ट में नहीं चली दलील

विकास यादव ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी अंतरिम जमानत की मांग करते हुए दो मुख्य कारण बताए थे। शादी की तैयारियां करना और सजा के तहत उन पर लगाए गए 54 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना भरने के लिए पैसे जुटाना। लेकिन, जस्टिस एमएम सुंदरेश और एससी शर्मा की बेंच ने उनकी दलीलें खारिज कर दीं। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, 'अगर आपकी दलील मान ली गई, तो यह एक अंतहीन सिलसिला बन जाएगा। अभी शादी है, फिर बच्चे होंगे और यह चलता ही रहेगा।'

'आधार कार्ड नहीं है, कागजात जुटाने हैं'

विकास यादव के वकील, सीनियर एडवोकेट गुरु कृष्णकुमार ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली हाई कोर्ट अब इस मामले की सुनवाई 2 दिसंबर को करेगा। तब तक विकास यादव को कई जरूरी काम पूरे करने हैं। वकील ने कहा, "मेरे मुवक्किल के पास आधार कार्ड तक नहीं है। उन्हें अपने सभी दस्तावेज व्यवस्थित करने हैं। इसके अलावा, सजा के तौर पर लगाए गए 54 लाख रुपये का जुर्माना भरने के लिए भी उन्हें पैसा जुटाने की व्यवस्था करनी है।" हालांकि, कोर्ट ने उनकी इस अपील को खारिज कर दिया और उन्हें अंतरिम जमानत देने से मना कर दिया।

बार-बार बढ़ रही थी जमानत की मियाद

पूर्व सांसद डीपी यादव के बेटे विकास यादव को कोर्ट ने इसी साल 24 अप्रैल को उनकी मां की बीमारी के आधार पर अंतरिम जमानत दी थी। इसके बाद वह सुप्रीम कोर्ट से लगातार जमानत की अवधि बढ़वाते रहे थे। 8 सितंबर को, सुप्रीम कोर्ट ने आगे जमानत देने से इनकार करते हुए उन्हें हाई कोर्ट जाने का निर्देश दिया था। लेकिन हाई कोर्ट ने भी यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि जिस मामले में सुप्रीम कोर्ट 2016 में सजा को बरकरार रख चुका है, उसमें वह अंतरिम जमानत नहीं दे सकता।

हाई कोर्ट ने मांगी थी रिपोर्ट

हाई कोर्ट में, नीतीश कटारा की माँ नीलम कटारा ने यह जानकारी दी थी कि विकास यादव की शादी पहले ही हो चुकी है। इस पर हाई कोर्ट ने पुलिस को विकास यादव के शादी के दावे की सत्यता जांचने का निर्देश भी दिया था।

विकास यादव, अपनी बहन भारती के साथ कथित तौर पर प्रेम संबंध रखने वाले नीतीश कटारा की 2002 में हुई नृशंस हत्या के मामले में 25 साल की बिना-छूट वाली (Fixed Sentence) सज़ा काट रहे हैं। इस मामले में उनके चचेरे भाई विशाल यादव और सुखदेव यादव भी दोषी थे। हाल ही में, एक अन्य दोषी सुखदेव यादव अपनी 20 साल की सज़ा पूरी करने के बाद जेल से रिहा हुए हैं।

Anubhav Shakya

लेखक के बारे में

Anubhav Shakya
भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद जी न्यूज से करियर की शुरुआत की। इसके बाद नवभारत टाइम्स में काम किया। फिलहाल लाइव हिंदुस्तान में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। किताबों की दुनिया में खोए रहने में मजा आता है। जनसरोकार, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में गहरी दिलचस्पी है। एनालिसिस और रिसर्च बेस्ड स्टोरी खूबी है। और पढ़ें
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