
दिल्ली में शिव मूर्ति-नेल्सन मंडेला मार्ग टनल का काम कब होगा शुरू? नितिन गडकरी ने दिया जवाब
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोकसभा में बताया कि धौला कुआं-आईजीआई एयरपोर्ट और गुरुग्राम के बीच प्रस्तावित 5 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड टनल अभी भी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआई) के चरण में है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को लोकसभा में बताया कि धौला कुआं-आईजीआई एयरपोर्ट और गुरुग्राम के बीच प्रस्तावित 5 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड टनल अभी भी डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआई) के चरण में है। इसका भविष्य डीपीआर के नतीजों पर निर्भर करेगा। गडकरी ने कहा कि दिल्ली में शिव मूर्ति (महिपालपुर) को नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ने वाली टनल बनाने के लिए डीपीआर तैयार कर ली गई है। इस टनल का मकसद साउथ दिल्ली और एयरपोर्ट कॉरिडोर के बीच एक तेज ऑप्शन देना है, जिससे एनएच-48 पर भीड़भाड़ कम हो।

मंत्री ने कहा, "प्रोजेक्ट में निवेश और उसे लागू करने का फैसला डीपीआर के नतीजों, क्राइटेरिया पूरा करने, ट्रैफिक डेंसिटी और पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के साथ तालमेल के आधार पर लिए जाएंगे।"
गडकरी दक्षिणी दिल्ली के भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी के कई सवालों का जवाब दे रहे थे। बिधड़ी ने गडकरी के मंत्रालय से पूछा था कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) सड़क का कंस्ट्रक्शन कब तक शुरू करेगा और इसके पूरा होने की अनुमानित तारीख क्या है। उन्होंने ने इसकी अनुमानित लागत भी पूछी थी, लेकिन मंत्रालय ने इस पर कोई अनुमान नहीं दिया।
न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, 2021 के प्रोजेक्ट डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक टनल की अनुमानित लागत करीब 2000 करोड़ रुपये थी और अगर काम 2022 में शुरू होता तो यह 2027 तक तैयार हो जाती। हालांकि, इस साल की शुरुआत में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा था कि संशोधित लागत करीब 3500 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है।
इस टनल की पहले भी आलोचना झेलनी पड़ी है क्योंकि इसके लिए 400 से अधिक पेड़ों को काटना या ट्रांसप्लांट करना होगा और यह पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील सदर्न रिज के नीचे से गुजरेगी।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने न्यूज18 से बात करते हुए कहा कि यह सड़क जरूरी है क्योंकि इससे छोटा रास्ता मिलेगा, जिससे यात्रा में कम समय लगेगा। इससे इलाके में न सिर्फ ट्रैफिक जाम की समस्या दूर होगी, बल्कि हवा की गुणवत्ता सुधारने में भी मदद मिलेगी।
एनएचएआई ने प्रोजेक्ट की प्री-फीजिबिलिटी रिपोर्ट में कहा था, “नए अलाइनमेंट के साथ प्रस्तावित एक्सेस-कंट्रोल्ड प्रोजेक्ट को ऐसे इलाके से होकर देखा गया है, जिससे एक साथ डेवलपमेंट का फायदा होगा और साथ ही सफर की दूरी भी कम होगी।”
एनएचएआई ने कहा था कि ट्रैफिक का बिना रुकावट फ्लो सुनिश्चित करने के लिए टनल के जंक्शन को मौजूदा सड़कों के साथ इंटरचेंज और फ्लाईओवर के रूप में प्लान किया गया है। एनएचएआई ने यह भी भरोसा दिलाया है कि सड़क की बेहतर क्वालिटी के कारण टनल से गाड़ी चलाने का खर्च कम होगा। साथ ही वृक्षारोपण और सड़क किनारे प्लांटेशन से इलाके की एयर क्वालिटी और बेहतर होगी।



