
निक्की भाटी मर्डर की पूरी कहानी चार्जशीट में आई सामने, बेटा बोला- मम्मी को जला छत से भागे पापा
कुछ महीने पहले ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में जिंदा जली निक्की भाटी को पति, सास, ससुर और जेठ ने मिलकर मारा था। 500 पन्नों की चार्जशीट में पुलिस ने दावा किया है। पुलिस का कहना है कि निक्की की हत्या से लेकर उसे दुर्घटना का रूप देने तक के लिए आरोपियों ने बारीकी से साजिश रची थी।
कुछ महीने पहले ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव में जिंदा जली निक्की भाटी को पति, सास, ससुर और जेठ ने मिलकर मारा था। 500 पन्नों की चार्जशीट में पुलिस ने दावा किया है। पुलिस का कहना है कि निक्की की हत्या से लेकर उसे दुर्घटना का रूप देने तक के लिए आरोपियों ने बारीकी से साजिश रची थी। यहां तक कि सीसीटीवी के सामने खुद को भागते हुए दिखाकर यह स्थापित करने की कोशिश की कि वह विपिन घर के बाहर था। पुलिस का कहना है कि आरोपी निक्की को इसलिए अस्पताल ले गए ताकि दिखा सकें कि वह बचाना चाहते थे।

चार्जशीट में पुलिस ने निक्की के पति विपिन, सास दया, ससुर सतवीर और जेठ रोहित को आरोपी बनाया है। इन्हें बीएनएस की धारा 103 (1) (मर्डर), 115 (2) (जानबूझकर चोट पहुंचाने ) और 61 (2) (आपराधिक साजिश) का आरोपी बताया है। निक्की की बहन कंचन की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया था कि घटना 21 अगस्त को शाम 5.45 बजे की है। निक्की को नीचे गिराकर पकड़ा गया, उस पर थिनर उड़ेला गया और फिर आग लगा दी गई। उसे पहले फोर्टिस हॉस्पिटल ले जाया गया और फिर उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया। 80 फीसदी बर्न इंजरी की वजह से निक्की ने वहां दम तोड़ दिया।
चार्जशीट में कहा गया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पुष्टि की कि निक्की की मौत जलने से हुई चोटों के कारण हाइपोवोलेमिक शॉक से हुई, और घर की फोरेंसिक जांच में कहीं भी विस्फोट के संकेत नहीं मिले। विपिन के परिवार ने दावा किया था कि घर में एलपीजी सिलेंडर में विस्फोट की वजह से निक्की जली। अस्पताल में निक्की से भी ऐसा ही बयान दिलवाया गया। पुलिस ने आरोप लगाया कि निक्की ने दबाव या कंफ्यूजन में मरने से पहले इस तरह का बयान दिया। मेडिकल जांच और फॉरेंसिक पड़ताल से यह दावा गलत निकला।
चार्जशीट में कहा गया है, 'सभी आरोपी विपिन, दया, सतवीर और रोहित ने निक्की को खत्म करने की साजिश रची थी। उन्होंने निक्की को जान से मारने की प्लानिंग की ताकि भविष्य में कोई विवाद ना हो।' बताया जाता है कि निक्की के सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने और ब्यूटी पार्लर चलाने जैसी बातों से ससुराल के लोग नाराज थे। पुलिस के मुताबिक विपिन ने गिरप्तारी के बाद स्वीकार किया कि उसने निक्की पर थिनर डाला और फिर उसे आग लगा दी जो कथित तौर पर उसकी मां ने उसे हाथ में दिया था।
24 अगस्त को वह जांचकर्ताओं को डिक्सॉन कंपनी के पास ग्रीन बेल्ट एरिया में ले गया जहां उसने थिनर की बोतल फेंकी थी। इसे फॉरेंसिक टीम ने अपनी जांच का हिस्सा बनाया था। बोतल के अलावा, जांचकर्ताओं ने घटना स्थल से बरामद जली हुई कपड़ों, पिघली हुई सामग्री और लाइटर की RFSL गाजियाबाद द्वारा की गई रासायनिक और विषविज्ञान (टॉक्सिकोलॉजी) जांच को भी शामिल किया है। चार्जशीट में निक्की के छह साल के बेटे के बयान को भी शामिल किया है जो इस घटना का चश्मदीद गवाह है। बच्चे ने पुलिस को बताया कि उसने देखा कि पापा ने मम्मी को पीटा और फिर आग लगा दी। उसने यह भी कहा कि पापा पड़ोसी के छत से भाग गए थे।





